बिना स्वीकृति पंचायत में करा दिए एक करोड़ के निर्माण
बिजनौर। जिले की 30 पंचायतों में एक करोड़ से अधिक की लागत से सीसी रोड का निर्माण बिना स्वीकृति एवं एस्टीमेट के करा लिए गए। डीएम उमेश मिश्रा द्वारा कराई जांच में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। जहां गड़बड़ी मिली हैं, उनमें सबसे अधिक पंचायत नजीबाबाद ब्लॉक में हैं। आरोपी प्रधानों एवं सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मामले में प्रधानों एवं सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। इस जांच रिपोर्ट के बाद विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
डीएम उमेश मिश्रा को पंचायतों में बिना विधिवत स्वीकृति, बिना एस्टीमेट तैयार किए व बिना वित्तीय नियमों का पालन किए सीसी रोड निर्माण कराने की शिकायत मिल रही थी। डीएम ने सख्त रुख अपनाया। ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी को पंचायतों के अभिलेखों व मौका निरीक्षण करके जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार एडीओ पंचायत ने जांच की। जिसमें छह ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायतों में बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाएं सीसी रोड निर्माण की शिकायत सही पाई गई। सबसे अधिक नौ पंचायत नजीबाबाद ब्लॉक में हैं। इसके बाद किरतपुर ब्लॉक में सात ग्राम पंचायत हैं। संबंधित पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करके सात दिन में जवाब मांगा गया है।
इन पंचायतों में पकड़ में आए मामले
हल्दौर ब्लॉक में गांगू नंगला, पिलाना, सिसौना तथा अखलासपुर, मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में इटावा, इस्लामपुर दास व काजीवाला, किरतपुर ब्लॉक में फतहपुर राजाराम, अमान नगर, शाहजहांपुर रोशन, पाड़ला बेगमपुर रुपचंद, सराय इम्मा वह बिल्लो नंगली, नजीबाबाद ब्लॉक में बेगमपुर मौलावाला, नंगला हरदास, हीमपुर पछादपुरा, जुल्फकार पुर गढ़ी, जटपुरा खास, राहतपुर खुर्द, गुढ़ा, शेखपुरा आलम, राजपुर नवादा, नूरपुर ब्लॉक में नवादा रवाना, हुसैनपुर कला, फैजुल्ला पुर व सुमाल खेड़ी, कोतवाली ब्लॉक में उग्रसेनपुर, जाफरपुर तथा इनायतपुर पंचायत हैं।
किस ब्लॉक में कितने का निर्माण
हल्दौर ब्लॉक की चार पंचायत में 19.70 लाख रुपये, मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की तीन पंचायत में 36,00,600 रुपये, किरतपुर ब्लॉक की सात पंचायतों में 31,51,500 रुपये, नजीबाबाद ब्लॉक की नौ पंचायतों में 29,44,000 रुपये, नूरपुर ब्लॉक की चार पंचायत में 10,25,000 रुपये, कोतवाली ब्लॉक की तीन पंचायत में 7,78,000 रुपये के सीसी रोड निर्माण में व्यय हुए हैं। कुल 1,04,57,300 रुपये के काम हुए हैं।
नहीं होगा भुगतान, घोषित हो जाएगा श्रमदान : डीपीआरओ
बिना विधिवत स्वीकृति व एस्टीमेट सीसी रोड बनवाने के आरोप में 30 पंचायतों के प्रधानों व सचिवों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार यदि कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो निर्माण कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया जाएगा। डीएम उमेश मिश्रा ने पंचायतों के निर्माण कार्यों पर सख्त निगाह रखने की हिदायत दी है।