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प्रशासन की देखरेख में शुरू कराया हाईवे 74 का निर्माण कार्य

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प्रशासन की देखरेख में शुरू कराया हाईवे 74 का निर्माण कार्य
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शेरकोट। प्रशासन ने पुलिस बल के साथ शेरकोट में पिछले कई महीने से अवरोध के कारण रुका हाईवे 74 के चौड़ीकरण निर्माण का काम बुधवार से शुरू करा दिया। मार्ग निर्माण को लेकर लोगों ने आज आंशिक विरोध कर रुकवाने का प्रयास किया, जिन्हें अधिकारियों ने समझाकर खत्म करा दिया। मार्ग निर्माण के लिए हाईवे अधिकारियों ने मिट्टी भराव करने और सरकारी जमीन पर बने अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया।
गौरतलब है कि यह मार्ग काशीपुर से हरिद्वार तक बनकर तैयार हो गया है। शेेरकोट में ही कुछ लोग मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर अड़चन डालने का प्रयास कर रहे थे। जिसे प्रशासन ने सख्ती के साथ निपटा कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। एसडीएम धीरेंद्र सिंह और अफजलगढ़ सीओ सुनीता दाहिया पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने हाईवे 74 के अधिकारियों से अपने ही सामने कार्य शुरू कराया। एसडीएम ने चेताया कि यदि किसी ने विरोध का प्रयास किया तो कार्रवाई होगी। पीड़ित लोगों ने बताया कि एनएच 74 के चौड़ीकरण के लिए अधिकृत भूमि पर बने मकान, दुकान एवं भूमि स्वामियों ने भाकियू के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह और ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा के नेतृत्व में नवंबर माह में एक माह तक मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धरना दिया था। जिस पर जिलाधिकारी ने मुआयना कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन बुधवार सुबह एसडीएम धीरेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हाईवे का रुके निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इस मौके पर तहसीलदार धामपुर रमेश चंद्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ सुनीता दाहिया, लेखपाल राहुल कुमार, एसओ अनुज तोमर के अलावा अफजलगढ़ सीओ सर्किल के थानों की पुलिस मौजूद रही।
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जिस जमीन की मुआवजा मांग रहे वह सरकारी है : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित लोग जिस जमीन को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे थे। वह जमीन उनकी निजी नहीं है। सरकारी जमीन है। सरकारी जमीन पर मुआवजा देने को कोई प्रावधान नहीं होता।
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किसानों के आंदोलन का उठाया फायदा : दुष्यंत राणा
धामपुर। भारतीय किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा ने कहा पुलिस प्रशासन ने दिल्ली में किसानों के चल रहे आंदोलन का फायदा उठाते हुए शेरकोट में बगैर मुआवजा दिए रुके कार्य शुरू कराया है। जो गलत है। प्रशासन को प्रभावित लोगों को उनकी जमीन और घर दुकान आदि का मुआवजा देने के बाद काम को शुरू कराना चाहिए था। दिल्ली के आंदोलन से निपटने के बाद वह मामले को गंभीरता से लेंगे।
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