‘रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रकृति से जुड़े’
बिजनौर। कृष्णा कॉलेज के विज्ञान विभाग द्वारा ‘कोविड-19 के साथ जीवन की चुनौतियां’ विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रोफेसर आरसी दूबे ने कोरोना वायरस से बचने के लिए प्राकृतिक जीवन शैली और प्राचीन चिकित्सा पद्घति अपनाने पर जोर दिया।
रविवार को आयोजित वेबिनार में प्रोफेसर दूबे ने बताया कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति में हर रोग का इलाज है। कोई भी रोग अथवा संक्रमण उसी व्यक्ति पर पहले वार करता है, जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। प्रकृति के बीच रहने से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आज मनुष्य प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, इसलिए उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो रही है। नियमित शारीरिक व्यायाम एवं योग से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। प्राचार्या सीमा शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से घर पर रहकर भी कोरोना से लड़ने की संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वेबीनार के सफल संचालन में कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष विपिन शर्मा का योगदान रहा। संस्थापक निदेशक राजीव कुमार, प्रबंधक मनोज कुमार, प्रबंध निदेशक पवन कुमार, डा. पूनम गुप्ता ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।