इंडोनेशियाई जमातियों की सशर्त जमानत मंजूर
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संजीव पांडेय ने लॉकडाउन और वीजा शर्तों के उल्लंघन के मामले में आठ इंडोनेशियाई जमातियों की सशर्त जमानत स्वीकार कर ली है। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने को कहा गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार नगीना थाना पुलिस ने 30 मार्च को नगीना की एक मस्जिद से इंडोनेशिया के आठ जमातियों महादी थोरिक, मोहम्मद नूर अमीनुद्दीन, करेशना, नूर मोहम्मद इसान, इलहम मिफ्ताखुन्नूर, इतांग सोपियान, मोहम्मद इरसियाद, ओकी अरी फेबरी को गिरफ्तार किया था। इन पर लॉकडाउन और वीजा शर्तों का उल्लंघन करने, संक्रमण फैलाने का आरोप लगा था। मामले में जमातियों की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा कहा गया था कि उन्होंने न वीजा शर्तों का उल्लंघन किया है और न ही उन्हें कोरोना टेस्ट में संक्रमित पाया गया है। प्रकरण में जमानत प्रार्थना पत्र पर पुलिस के कमेेंट और केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई के लिए अगली तारीख दिए जाने की अपील की गई।
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि विदेशी अधिनियम के अलावा इन पर लगाई गईं सभी धाराएं जमानती हैं। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। उन्हें इन शर्तों पर जमानत पर रिहा किया जाता है कि वह इस तरह का अपराध पुन: नहीं करेंगे। साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेंगे और विवेचना में सहयोग करेंगे। केस का ट्रायल शुरू होने पर प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में उपस्थित रहेंगे। सुनवाई के दौरान कोई स्थगन नहीं लेंगे। अपना पासपोर्ट भी जमा करेंगे। 40-40 हजार रुपये के दो जमानती व इसी राशि का एक बंधपत्र दाखिल करने पर जमातियों को जमानत दे दी गई।