ग्राम पंचायतों में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
बिजनौर। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले की ग्राम पंचायतों में 22.5 करोड़ से अधिक की लागत से सामुदायिक शौचालय बनेंगे। इससे उन ग्रामवासियों को राहत मिलेगी जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं। पंचायतराज विभाग नें पंचायतों में स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। जिला वर्ष 2017 में खुले में शौच से मुक्त हो गया है। इस अवधि में गांवों में परिवार बढ़े। शासन ने बढ़े परिवारों की संख्या का पता लगाने के लिए डोर टू डोर सर्वे कराया। पंचायतराज विभाग ने शौचालय से छूटे परिवारों में करीब पंद्रह हजार शौचालय बनवाए। इसके बाद भी अनेक परिवार ऐसे रह गए हैं जो शौचालय निर्माण के मानकों में नहीं आने से बिना शौचालय के हैं। शासन की मंशा है कि कोई भी ग्रामवासी खुले में शौच के लिए नहीं जाए। जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को स्थान चयन करने के निर्देश दे दिए हैं।
सामुदायिक शौचालय में पुरुषों और महिलाओं के लिए दो-दो शौचालय अलग-अलग बनेंगे। सफाई के लिए पानी की टंकियां रखी जाएंगी। सामुदायिक शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी। एक सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए दो लाख की लागत आएगी। इनमें बीस हजार रुपये ग्राम पंचायत 14वें वित्त आयोग से व्यय करेगी। बाकी एक लाख 80 हजार की धनराशि स्वच्छ भारत मिशन से मिलेगी। इस प्रकार 1128 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर 22.5 करोड़ से अधिक धन की लागत आएगी। ग्रामपंचायत विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थल चयन में ग्रामवासियों की राय ली जाए। स्थल विवाद रहित व उपयुक्त हो। एक ग्राम पंचायत में दो से तीन राजस्व गांव भी हैं इसलिए मुनादी कराकर ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाकर सामंजस्य बनाकर जगह ली जाए। स्थल चयन का प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा गया है।