बिजनौर। जिले में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे। इससे तापमान में गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग बृहस्पतिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जता रहा है। होली तक ऐसे ही मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
बुधवार को सुबह हल्की धूप निकली लेकिन देखते ही देखते सूर्यदेव बादलों की ओट में जा छिपे। इसके बाद पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। दिन में 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलती रही। इससे लोगों को हल्की सर्दी का भी अहसास हुआ। मंगलवार को निकली तेज धूप से ऐसा लगा मानों अब सर्दी खत्म हो गई। मगर, बुधवार को बदले मौसम से लोगों को दोबारा सर्दी का अहसास हुआ। बुधवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, मंगलवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार का कहना है कि अभी मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को भी बादल छाए रहने की संभावना है। करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी।
बदलते मौसम से बुखार की चपेट में आ रहे लोग
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। इसकी वजह से बुखार, डायरिया, जुकाम और खांसी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 150 मरीज इन मौसमी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे ने कहा कि तापमान में अचानक बदलाव और लापरवाही के चलते संक्रमण तेजी से फैल रहा है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन दिनों कपड़े पहनने, साफ-सफाई का ध्यान रखें और बाहर का भोजन नहीं खाना चाहिए।
गेहूं के लिए मुफीद है ठंडा मौसम: जसवीर सिंह तेवतिया
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि जिले में गन्ने के बाद गेहूं का क्षेत्रफल सर्वाधिक रहता है। रबी की गेहूं फसल के अच्छे उत्पादन के लिए इस समय न्यूनतम तापमान अच्छा है। इस समय बारिश भी फायदेमंद रहेगी। रबी की फसलों की बढ़त का समय है।