जमकर बरसे मेघ, 76 एमएम दर्ज हुई बारिश
बिजनौर। मानसून की पहली ही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। कई घंटे तक हुई बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश से फसलों की भी सिंचाई हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए। बुधवार को जिले भर में 76 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस घट गया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री था।
मंगलवार को जिले में मानसून की दस्तक के साथ पहली बारिश हुई थी। बारिश से जनता के चेहरे खिल गए थे। एक दो दिन में ही अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही थी और बादलों ने बुधवार को ही सारी कसर पूरी कर दी। बुधवार को बादल जमकर बरसे। तेज बारिश तो नहीं हुई, लेकिन 12 बजे से शाम के छह बजे तक पानी लगातार बरसता रहा। बारिश ने जमीन की प्यास को बुझाकर फसलों की सिंचाई कर दी। खेतों में पानी तो नहीं भरे, लेकिन नमी भरपूर हो गई। अब तक बारिश न होने की वजह से किसान धान की शत प्रतिशत बुवाई भी नहीं कर रहे थे। बारिश होने से अब धान की बुवाई जल्दी खत्म हो जाएगी।
किसानों रामेंद्र सिंह, नेपाल सिंह आदि का कहना है कि बारिश फसलों के लिए बहुत जरूरी है। यह पानी धीरे धीरे जमीन में जाता है, जिससे जमीन की कई दिन की प्यास बुझ जाती है। खासतौर से गन्ने, धान व चारे की फसलों के लिए बारिश बहुत फायदेमंद साबित होगी। वहीं, कुछ घंटों की बारिश ने ही मौसम के मिजाज को एकदम पलटकर रख दिया है। मंगलवार से पहले तक जनता गर्मी और उमस से परेशान थी। बुधवार को बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली और ठंडक का अहसास हुआ। यहां तक कि बुधवार को एसी और कूलर नहीं चले। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं।