नजीबाबाद/जलालाबाद। गांव मोचीपुरा में भारतीय किसान यूनियन का छठवें दिन एनएचएआई के लिखित आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। इसके साथ ही मेरठ-पौड़ी मार्ग पर गांव झालरा, मोचीपुरा और जलालाबाद में यूटर्न बनने का रास्ता साफ हो गया है। एनएचएआई ने सड़क सुरक्षा मानकों पर परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है।
मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव मोचीपुरा में भाकियू किसान ग्रामीणों के पिछले छह दिन से धरने पर बैठे थे। किसान एनएच-34 पर गांव झालरा, मोचीपुरा और जलालाबाद में स्थायी यूटर्न बनाने की मांग पर अड़े थे। शुक्रवार को एनएचएआई के एडीओ आशीष शर्मा ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों लिखित आश्वासन मांगा।
शनिवार को एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीओ सुनील कुमार सिंह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने एनएचएआई द्वारा भेजे के लिखित आश्वासन किसानों को सौंपा, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई मेरठ ने तीन स्थानों पर मीडियन ओपनिंग व जंक्शन सुधार की मांग पर संज्ञान लेते हुए परीक्षण के आदेश दिए हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने सड़क सुरक्षा सलाहकार और एकेसीएम के निदेशक अतुल कुमार को पत्र जारी किया है। जिसमें गांव झालरा, मोचीपुरा व जलालाबाद तीनों स्थानों पर यूटर्न का परीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस अवसर पर भाकियू प्रांतीय अध्यक्ष चौधरी बलराम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष कुलबीर सिंह, भोपाल राठी, नवीन राजपूत, गजेंद्र सिंह, अरविंद राजपूत, प्रशांत चौधरी, देवेंद्र हुड्डा, हिमांशु चौधरी, मुनेंद्र सिंह, धीर सिंह, मुर्शरफ, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।