शिक्षा का अधिकार अधिनियम जागरुकता मेले में सूनी पड़ी स्टॉल्स।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ब्लॉक संसाधन केंद्र पर मेला आयोजित किया गया। चंद जनप्रतिनिधि और शिक्षक पहुंचने से मेला औपचारिक बनकर रह गया। ज्यादातर शिक्षक धूप में बैठे रहे और मेले में स्टॉल लगाने वाले बच्चे घंटों भूखे-प्यासे रहे।
बीआरसी परिसर में बुधवार को आयोजित मेले में जहां विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने स्टॉल लगाईं, वहीं बीईओ इशकलाल की अध्यक्षता में शिक्षा जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न होने देने, स्कूल न जाने वाले बच्चों को स्कूल तक लाकर उनका पंजीकरण कराने का आह्वान किया।
एबीआरसी आबिद रशीद के संचालन में हुई गोष्ठी में शिक्षक नेता मोबीन हसन ने आरटीई मेला न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित कर अभियान की मजबूत नींव रखने की सलाह दी। गोष्ठी में बीडीसी इसरार अहमद, ग्राम प्रधान अशोक कुमार सहित कुछ शिक्षक मौजूद रहे।
उधर, बीआरसी परिसर में लगे मेले पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल महावतपुर सहित विभिन्न स्कूलों की छात्राओं द्वारा स्टॉल लगाई गईं। मगर मेला भ्रमण करने वाला कोई नहीं था। छात्राएं अपनी स्टॉल पर घंटों भूखी-प्यासी बैठी रहीं।
उधर, आकस्मिक सूचना पर पहुंचे शिक्षक धूप में बैठे नजर आए। बीईओ इशकलाल ने बताया कि संकुल प्रभारियों को एक सप्ताह पहले सूचित कर प्रचार-प्रसार के लिए कहा गया था। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर मेले आयोजित करने की जानकारी देते हुए छात्राओं को मेला संपन्न होने से पहले समोसा और चाय देने की बात कही।