बिजनौर। बदलते मौसम के साथ ही बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। कभी तेज धूप तो कभी बारिश बच्चों को नहीं सुहा रही है और वे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विभाग में रोजाना 150 मरीजों की ओपीडी है। इनमें करीब 35 मरीज तक वायरल बुखार और डायरिया के पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को सावधानी बरतने और खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों में जुकाम, खांसी, बुखार, कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा डायरिया से ग्रसित बच्चों के पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी, बुखार जैसे लक्षण हैं। शरीर में पानी की कमी होने के कारण ये दिक्कतें आने लगती हैं।
ऐसे करें बचाव
-दूषित खाने से बचना चाहिए
-साफ पानी, ताजा भोजन करें
-बच्चों की दूध की बोतल खौलते पानी में डालकर साफ करें
-फास्ट फूड, बाजार में बिक रहे कटे फलों का सेवन न करें
-बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को कोई भी दवा न दें
मौसम में बदलाव होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। जिस वजह से बच्चे वायरल बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इसलिए, खानपान का विशेष ध्यान रखें। दूषित भोजन न खाएं।
....डॉ. राजेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर