कालागढ़ मंे अपने शावक को दूध पिलाती चीतल।
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कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व में चीतल के दूध पीते बच्चे आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। हिरनों के बच्चों की अठखेलियां किसी को भी बरबस अपनी ओर खींचने में कामयाब है। कार्बेट टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क इन दिनों हिरन और चीतल की अठखेलियों से गुलजार है।
चीतल के झुंड में इनके दूध पीते बच्चे विशेष आकर्षण बन रहे हैं। कालागढ़ के उपप्रभागीय वनाधिकार आरके तिवारी का कहना है कि जनवरी के महीने में चीतल के बच्चे काफी अधिक नजर आ रहे हैं। कालागढ़, झिरना व ढेला रेंज में इनके झुंड में काफी बच्चे मौजूद हैं।
वहीं कालागढ़ में कालागढ़ की सिंचाई विभाग की कालोनी में जंगली हाथी के सुबह शाम आने से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने वन विभाग से वन्यजीवों को आबादी में आने से रोकने की मांग की है।
कालागढ़ के आबादी क्षेत्र में वन्यजीवों के सुबह-शाम आवागमन के कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है। सोमवार सुबह सात बजे रामगंगा बांध परियोजना की कालोनी में जंगली हाथी आबादी से होकर गुजरा। उनके गुजरने से हमेशा असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। एक सप्ताह से लगातार हाथी नूनगढ़ के वनों से निकलकर नई कालोनी में घुसे आ रहे हैं।
सांझ ढलते ही यह हाथी कभी बी-आवासीय क्षेत्र में खतों से होते हुए वन में चले जाते हैं और फिर सुबह लौट आते हैं। आए दिन हाथियों का झुंड आबादी क्षेत्र में आने से लोगों में दहशत तो है ही साथ ही फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कई बार वन विभाग को अवगत कराने के बाद भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। उपप्रभागीय वन अधिकारी आरके तिवारी का कहना है कि गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। हाथी पर निगाह रखी जा रही है।