धामपुर में अक्षर संस्था के संयोजन में दिल्ली एनएसडी के कलाकारों ने नाटक तमाशा-ए-नौटंकी प्रस्तुत कर प्रदेश की लोक संस्कृति नौटंकी का चित्रण किया। कार्यक्रम को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए ।
नगीना मार्ग स्थित एक मंडप में आयोजित नाटक का शुभारंभ डा. सूर्यमणि रघुवंशी, एसडीएम आजाद भगत सिंह, सीओ नगीना महेश कुमार सिंह, डा. एनपी. सिंह, डा. लोकेंद्र सिंह चौहान, डीएसएम के जीएम प्रशासन विजय गुप्ता, रवि शंकर अग्रवाल, शरदचंद शर्मा, तनुज बंसल, अतुल गुप्ता, दीपक अग्रवाल, संस्था के अध्यक्ष जयगोपाल सक्सेना ने नटराज की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित किया। नौटंकी का मूल वाद्य यंत्रों के साथ आरंभ हुआ। आकर्षक वेशभूषा और प्रकाश व्यवस्था के बीच नाटक में नौटंकी की मूल और पुरातन शैली की तरह काशी नरेश सत्यवादी राजा हरिशचंद्र, राजा पूरनमल, सलीम- अनारकली, राम केवट गंगा पार करने जैसे प्रसंगों का मार्मिक चित्रण हुआ। दूसरे पक्ष में नौटंकी विधा में कलांतर में आए बदलाव के चलते वर्तमान में फूहड़ शैली की नौटंकी को भी मंचित किया गया। इस शैली में दर्शकों की बढ़ती भीड़ के कारण पुरातन शैली की नौटंकी करने वालों की आजीविका चली मुुश्किल हो गई।
इस फूहड़ शीर्षक पर नौटंकी का मंचन हुआ निर्देशक साजिदा ने विषय वस्तु को नौटंकी के उत्तरोत्तर हृास को बखूबी दिखाया। संस्था ने सभी कलाकारों, संगीतकार पंडित रामदयाल शर्मा और उनकी पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संचालन संस्था संयोजक सत्यराज ने किया। अध्यक्ष जयगोपाल सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राकेश चौधरी, भूपेंद्र सिंह, अजय गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, दीपक अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, नीरजा सिंह, सुमित शर्मा, सुहेल, डॉ. गजेंद्र सिंह, डीएस चौहान, संजीव जैन, दीपक जैन, जावेद शम्सी, डा. हसन, संजीव शर्मा रहे। एसडीएम आजाद भगत सिंह और सीओ नगीना महेश कुमार ने कार्यक्रम की सराहना की।