उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र किया। कहा कि जब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर दलित शोषितों को उनके अधिकारों के प्रति एक कर आंदोलन कर रहे थे तो महात्मा गांधी ने विरोध किया था। लेकिन कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर आंबेडकर का समर्थन किया। तभी से देश में लोगों को आरक्षण मिला। रैली में प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ , चौधरी रवि कुमार सिंह पालिकाध्यक्ष धामपुर, विवेक सेन, प्रदेश संयुक्त सचिव शैलजा, प्रदेश संगठन मंत्री उमेश सिंह, दीपक राणा, अमरकांत मनी, रविंद्र प्रभारी भाटी, राजेश कुमार, प्रधान शीशराम रहे।
आपबीती सुनाई
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने कहा कि जब वह जेल में रहे तो उनके साथ क्या-क्या हुआ। किसी से छिपा नहीं है। यहां तक कि उनके समर्थन में आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं पर गोलियां भी चलाईं। पर गोलियां मेरा और कार्यकर्ताओं का कुछ नहीं बिगाड़ सकीं। जिसका नेता मजबूत होता है। उसका कार्यकर्ता कभी कमजोर नहीं होता।
गुलदार के हमले से मरे लोगों के आश्रितों को 25-25 लाख दे योगी सरकार
उन्होंने कहा कि गुलदार अब तक जनपद बिजनौर में 20 से अधिक लोगों की जान ले चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। सभी मृतक आश्रितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने और सिस्टम को सुधारने की मांग की। अभी तक कुछ नहीं हुआ। किसी पूंजीपति के घर में ऐसा हो गया होता तो डबल इंजन की सरकार कई दिन तक शोक में डूबी रहती।
कुर्सियों पर आगे बैठने को लेकर मारामारी
सभा में कुर्सियों पर आगे बैठने को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी मारामारी रही। अत्यधिक गर्मी के कारण अधिकांश कार्यकर्ता बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। जिन्हें पानी पिलाकर होश में लाया गया।