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UP: चंद्रशेखर आजाद बोले- देश की जनता को जवाब देने से बचते हैं प्रधानमंत्री मोदी, रैली में सुनाई आपबीती

Mon, 09 Oct 2023 11:06 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर

सार

Bijnor News : चंद्रशेखर ने कहा कि जब वह जेल में रहे तो उनके साथ क्या-क्या हुआ। किसी से छिपा नहीं है। यहां तक कि उनके समर्थन में आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं पर गोलियां भी चलाईं।
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चंद्रशेखर आजाद। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी चीफ एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के सवालों से बचते हैं। वह उत्तर नहीं देना चाहते। जब पिछले दिनों सदन में मणिपुर की हिंसा के बारे में सवाल उठाए तो प्रधानमंत्री संसद को छोड़कर भाग गए। कहा कि यदि वह पार्लियामेंट में होते तो भागने नहीं देते। संविधान, लोकतंत्र खतरे में है। देश के दलितों, शोषितों, आदिवासी कमजोर वर्गों के लोगों को एक होकर बाबा डॉक्टर भीमराव आंबेडकर,मान्यवर काशीराम के अधूरे सपनों को पूरा करना होगा।

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बिजनौर में धामपुर के केएम इंटर कॉलेज के मैदान में संपन्न सामाजिक न्याय-संविधान बचाओं रैली को संबोधित करते चंद्रशेखर ने कहा कि देश के हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। लोकतंत्र, संविधान को बचाना जरूरी हो गया है। बहुजन संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर सभी को एक होकर संघर्ष करने की कसम खिलाई। कहा कि हम उनके अधूरे सपनों को हर हाल पूरा कर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के संविधान को नहीं बदलने देंगे। सामाजिक न्याय संविधान-बचाओ रैली का मतलब ही यही है कि सभी कमजोर वर्ग के लोगों को एक साथ होकर सत्ता पक्ष में बैठे ऐसे लोगों को कुर्सी से उतार कर फेंक दें। जिनसे देश को खतरा है।

उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र किया। कहा कि जब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर दलित शोषितों को उनके अधिकारों के प्रति एक कर आंदोलन कर रहे थे तो महात्मा गांधी ने विरोध किया था। लेकिन कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर आंबेडकर का समर्थन किया। तभी से देश में लोगों को आरक्षण मिला। रैली में प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ , चौधरी रवि कुमार सिंह पालिकाध्यक्ष धामपुर, विवेक सेन, प्रदेश संयुक्त सचिव शैलजा, प्रदेश संगठन मंत्री उमेश सिंह, दीपक राणा, अमरकांत मनी, रविंद्र प्रभारी भाटी, राजेश कुमार, प्रधान शीशराम रहे।

आपबीती सुनाई
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने कहा कि जब वह जेल में रहे तो उनके साथ क्या-क्या हुआ। किसी से छिपा नहीं है। यहां तक कि उनके समर्थन में आंदोलन करने वाले कार्यकर्ताओं पर गोलियां भी चलाईं। पर गोलियां मेरा और कार्यकर्ताओं का कुछ नहीं बिगाड़ सकीं। जिसका नेता मजबूत होता है। उसका कार्यकर्ता कभी कमजोर नहीं होता। 

गुलदार के हमले से मरे लोगों के आश्रितों को 25-25 लाख दे योगी सरकार
उन्होंने कहा कि गुलदार अब तक जनपद बिजनौर में 20 से अधिक लोगों की जान ले चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। सभी मृतक आश्रितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने और सिस्टम को सुधारने की मांग की। अभी तक कुछ नहीं हुआ। किसी पूंजीपति के घर में ऐसा हो गया होता तो डबल इंजन की सरकार कई दिन तक शोक में डूबी रहती।

संकल्प सभा रैली में कई लोगों की जेब कटी
रैली में बाहर से आए 20 से अधिक कार्यकर्ताओं की जेब कट गई। जब कार्यकर्ताओं को जेब कटने का पता लगा तो कार्यक्रम में कई बार हंगामा हुआ। मंच पर बैठे पदाधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया। पदाधिकारी ने मंच से ऐलान कर लोगों को आगाह किया।

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कुर्सियों पर आगे बैठने को लेकर मारामारी
सभा में कुर्सियों पर आगे बैठने को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी मारामारी रही। अत्यधिक गर्मी के कारण अधिकांश कार्यकर्ता बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। जिन्हें पानी पिलाकर होश में लाया गया।
 
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