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चांदपुर सीट : सभी दल कर रहे जीत का दावा, मचेगा घमासान

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चांदपुर सीट : सभी दल कर रहे जीत का दावा, मचेगा घमासान
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। कभी मिनी छपरौली कही जाने वाली चांदपुर विधानसभा सीट के समीकरण अब बदले-बदले नजर आ रहे हैं। यहां पर भले ही सभी पार्टी जीत के दावे ठोक रही हैं, लेकिन फिलहाल किसी के लिए राह आसान नजर नहीं आ रही। पुराने इतिहास पर नजर डालें तो कभी मिनी छपरौली कही जाने वाली चांदपुर विधानसभा का मिजाज बदलता रहा है। चांदपुर के मतदाताओं ने निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी खूब भरोसा किया। आजादी के बाद से अब तक पांच बार निर्दलीय उम्मीदवारों को चांदपुर की जनता विधानसभा भेज चुकी है। भाजपा यहां पर सिर्फ दो बार ही जीत पाई। एक बार रामलहर में दूसरी बार मोदी लहर में। साल 2012 में परिसीमन के बाद चांदपुर विधानसभा का पुनर्गठन हुआ। चांदपुर विधानसभा का कुछ हिस्सा नहटौर और कुछ हिस्सा बिजनौर में चला गया, जबकि राजपूत बाहुल्य कुछ गांव चांदपुर में शामिल हुए। (संवाद)
जाट बाहुल्य रही इस विधानसभा क्षेत्र से साल 1957 में निर्दलीय उम्मीदवार नरदेव सिंह विधायक बने। उन्होंने लगातार निर्दलीय लड़ते हुए जीत की हैट्रिक लगाई। साल 1969 में बीकेडी के खाते में यह सीट चली गई। दो बार बीकेडी के उम्मीदवार विजयी रहे तो बाद में जनता पार्टी के उम्मीदवार धर्मवीर सिंह ने साल 1977 के चुनाव में जीत दर्ज कराई। रामलहर में साल 1991 में इस सीट पर भाजपा काबिज हो गई, हालांकि भाजपा अपनी जीत को दोहरा नहीं पाई। 1993 और 1996 में निर्दलीय उम्मीदवारों को चांदपुर की जनता से जीत का सेहरा पहनाया। 16 साल के बाद भाजपा का सूखा खत्म हुआ और 2017 में भाजपा की कमलेश सैनी विधायक बनीं।
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चांदपुर सीट पर अब तक बने विधायक
1957 नरदेव सिंह निर्दलीय
1962 नरदेव सिंह निर्दलीय
1967 नरदेव सिंह निर्दलीय
1969 शिव महेंद्र सिंह बीकेडी
1974 धर्मवीर सिंह बीकेडी
1977 धर्मवीर सिंह जनता पार्टी
1980 अमीरुद्दीन कांग्रेस अर्स
1985 राजा देवेंद्र सिंह कांग्रेस
1989 तेजपाल सिंह जनता दल
1991 अमर सिंह भाजपा
1993 तेजपाल सिंह निर्दलीय
1996 स्वामी ओमवेश निर्दलीय
2002 स्वामी ओमवेश रालोद
2007 इकबाल बसपा
2012 इकबाल बसपा
2017 कमलेश सैनी भाजपा
चांदपुर विधानसभा सीट पर एकनजर
पुरुष मतदाता 172415
महिला मतदाता 152213
कुल मतदाता 324656
मतदान केंद्र 208
बूथ 371
जातीय समीकरण साधना भी चुनौती
चांदपुर विधानसभा पर कुल मतदाताओं की संख्या सवा तीन लाख है। यूं तो किसी के पास कोई सटीक जातीय आंकड़ा नहीं है, लेकिन राजनीतिक दल इस सीट पर सवा लाख मुस्लिम वोट होने की बात कहते हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के वोटों की संख्या करीब 50 हजार, जाट मतदाताओं की संख्या 35 हजार से ज्यादा, सैनी वोटों की संख्या 27 हजार से ज्यादा बताई जाती है। चौहान मतदाताओं की संख्या भी यहां कम नहीं है और करीब 25 हजार चौहान मतदाता चांदपुर सीट पर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसी तरह अन्य जाति के वोटों का अनुमान भी राजनीतिक दल लगा रहे हैं। सभी दलों के सामने अपनी पार्टी का मूल वोट और उसके साथ दूसरी जातियों को साथ लाने की चुनौती है।
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