उदर एवं चर्म रोगी बने चिकित्सकों के लिए चुनौती
नजीबाबाद। मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला में पहुंचने वाले उदर व चर्म रोगी चिकित्सकों के लिए चुनौती बने हैं। अन्य रोगियों की अपेक्षा उदर एवं चर्म रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ.सर्वेश निराला का कहना है कि सफाई का अभाव और दूषित पानी का इस्तेमाल करना उदर एवं चर्म रोग का मुख्य कारण है। चिकित्सा विभाग उदर एवं चर्म रोगियों के प्रति गंभीर है।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले के प्रति लोगों को रुझान बढ़ने लगा है। नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागूवाला, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झक्काकी, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंडावली, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नांगलसोती में आयोजित स्वास्थ्य मेले में 281 पुरुष, 583 महिलाएं और 296 बच्चों सहित कुल 1160 मरीजों की चिकित्सकों ने जांच की। लीवर के 16, सांस के 66, मधुमेह के 14, टीबी के 12, ऐनीमिया के 13, ब्लड प्रेसर के 16 मरीज मिले। स्वास्थ्य शिविर में उदर के 127 और चर्म रोग के 230 रोगियों मिलने से चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ.सर्वेश निराला का कहना है कि उदर एवं चर्म रोग से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। सफाई का अभाव और दूषित पानी का इस्तेमाल करना रोग के फैलने की मुख्य वजह है। उन्होंने उदर एवं चर्म रोग से निपटने के लिए नियमित दवाइयों को सेवन करने और अपने परिवेश को स्वच्छ रखने, पानी को उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी।