बिजनौर में यूपी बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। जिले के दूरस्थ परीक्षा केंद्रों तक अधिकारियों की टीम परीक्षा के दौरान नहीं पहुंच पाती है। इससे नकल माफिया के हौसले बुलंद रहते हैं। प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा कराने का कमर कसी है। ऐसे परीक्षा केंद्रों को चिह्नित भी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा 16 मार्च से शुरू होनी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की माने तो परीक्षा कराने को लेकर ज्यादातर तैयारी पूरी कर ली गई है। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने का काम किया जा रहा है। केंद्र व्यवस्थापकों से पहले ही ड्यूटी लगाने के लिए मांग पत्र लिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, पर विभाग के सामने जिले में नकल विहीन परीक्षा कराना चुनौती बना हुआ है। दूरस्थ परीक्षा केंद्रों पर विगत वर्षों में नकल कराने के मामले उठते रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय द्वारा ऐसे मामलों में लीपापोती होती रही है। नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी उस दिन उस विषय के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सचल दल की रहेगी नजर
डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे के मुताबिक परीक्षा में नकल कराने वालों की खैर नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नकल पर नकेल के लिए छह सचल दल बनाए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापकों को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी परीक्षा पर नजर रखेंगे। यदि कहीं नकल कराने का मामला आया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा को लेकर बुलाई बैठक
डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए डीएम की अध्यक्षता में नौ मार्च को पूर्वाह्न दस बजे बिजनौर इंटर कॉलेज बिजनौर में बैठक आयोजित होगी। उन्होंने प्रस्तावित बैठक में सभी केंद्र व्यवस्थापकों, खंड शिक्षा अधिकारियों, सचल दल प्रभारियों व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को बैठक में उपस्थित होने को कहा है।