सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों पर भरोसा
बिजनौर। सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। बिजनौर में छह साल पहले आतंकी घटना के बाद फरार आतंकियों की पहचान सीसीटीवी कैमरे से ही हुई थी। अब प्रशासन की ओर से लगवाए कैमरों के अलावा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों में निजी कैमरे भी लगवा लिए हैं। इन कैमरे के भरोसे ही सुरक्षा व्यवस्था चल रही है।
प्रशासन की ओर से बिजनौर में मुख्य डाकघर चौरोहे पर चार, सेंटमेरी स्कूल चौराहे पर चार, बैराज मार्ग पर मित्तल पेट्रोल पंप के पास तीन, चांदपुर की चुंगी पर चार, नजीबाबाद में जगन्नाथ चौराहे पर चार और चांदपुर में आंबेडकर चौक पर चार सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। इनमें बिजनौर में चांदपुर की चुंगी को छोड़कर सभी कैमरे चल रहे हैं। चांदपुर चुंगी पर एक हादसे के दौरान कैमरों पर लगा खंभा क्षतिग्रस्त होने के कारण कैमरा नहीं चल पा रहा है। कैमरे के भरोसे ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था है। जिन बाजारों में कैमरे नहीं लगे हैं वहां के व्यापारी चौकीदार के भरोसे काम चला रहे हैं।
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में 12 सितंबर 2014 को छह आतंकी बम बना रहे थे। विस्फोट होने से एक आतंकी घायल हो गया था। उसके साथी बिजनौर में मुख्य डाकघर चौराहे पर घायल साथी का उपचार कराने गए थे। पुलिस की समझ में नहीं आ रहा था कि माजरा क्या है? मुख्य डाकघर चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गईं तो मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार छह आतंकियों की पहचान हुई थी। ये आतंकी फरार हो गए थे। बाद में अलग-अलग जगह मुठभेड़ में ये मारे गए। आतंकियों का सरगना एजाजुद्दीन था।
बिजनौर में कई साल पहले मार्निंग वॉक पर जाते व्यापारी नेता रजनीश अग्रवाल पर गोली चलाने वाले बदमाशों की पहचान भी शास्त्री चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे से हुई थी। हमलावर कैमरे में कैद हो गए थे। इसके अलावा भी कई चोरी की वारदातों का खुलासा इन कैमरों से होता रहा है। अब तो हर कोई कैमरों को अपने घर व प्रतिष्ठान पर लगवाना पसंद कर रहा है। व्यापारी नेता मनोज कुच्छल व सौरभ सिंघल के मुताबिक इन कैमरों से काफी काम चल रहा है। हर कोई अब इन कैमरों के भरोसे है।
बिजनौर में 2014 में सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए आतंकी(लाल घेरे में ) फाइल फोटो।- फोटो : BIJNOR