बिजनौर। जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों को बिजनौर पुलिस ने लखनऊ से हिरासत में लिया, जबकि गिरफ्तारी बिजनौर में दिखाई। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर बिजनौर में तैनात दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लखनऊ में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
लखनऊ के तेलीबाग निवासी महेंद्र सिंह का आरोप है कि 19 सितंबर 2024 की सुबह थाना नूरपुर में तैनात दरोगा गौतम, सिपाही अमित कुमार और राहुल तथा दो अन्य लोग सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे। उन्होंने उनके दोनों बेटों राहुल और कविंद्र को जबरन गाड़ी में बैठा लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
आरोप है कि बिजनौर जिले के नूरपुर थाने की पुलिस ने उनके दोनों बेटों को लखनऊ से हिरासत में लिया और गिरफ्तारी बिजनौर के गोहावर से दिखाई। हालांकि, जिस केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उसमें तीन अक्तूबर 2024 को जमानत मिल गई थी। आरोप लगाया कि नामजद पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके बेटों को धमकाया। धमकी दी गई कि उन्हें फिर से उठाकर जेल भेज दिया जाएगा। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के थाना पीजीआई में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बता दें कि इस मामले में आरोपी दरोगा फिलहाल हल्दौर में तैनात हैं।