जलीलपुर के गांव गांवड़ी में स्थित अस्थाई गौशाला में संरक्षित गोवंश की दशा
बास्टा। क्षेत्र के गांव गांवड़ी में अस्थाई गोशाला में संरक्षित गोवंशों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। गोशाला में करीब 130 गोवंश हैं लेकिन न तो पर्याप्त टिन शेड बने हुए हैं और न ही बाउंड्रीवॉल है। गोवंशों के लिए तपती गर्मी में पंखों की भी व्यवस्था नहीं है। तपती दोपहर में यहां संरक्षित गोवंश खुले में खड़े रहने को मजबूर हैं।
गोवंशों को रोकने के लिए लगाई गई तार-बाड़ जगह-जगह से टूटी हुई है। गोवंश वहां से निकल जाते हैं। एक टिन शेड बना हुआ है जो सभी के लिए पर्याप्त नहीं है। गोवंशों को सूखा चारा खिलाया जा रहा है। हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण टिन शेड के पास जलभराव हो रहा है। गोवंशों को धूप से बचने के लिए अतिरिक्त कोई साधन नहीं है। टिन शेड में साइड से धूप न आए, इसके लिए भी कोई बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। गोशाला में अस्थायी तौर पर पांच केयर टेकर कार्यरत हैं। ग्राम प्रधान टिंकू कुमार का कहना है कि यहां पर 130 गोवंश संरक्षित हैं। चारे के लिए भूसे का स्टॉक है। पानी और गंदगी की निकासी के लिए नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। एसडीएम नितिन तेवतिया का कहना है कि बीडीओ को गोशाला के टिन शेड में पंखे लगवाने, टाट की चादर लगवाने व हरे चारे के लिए निर्देशित किया गया है।
बीडीओ जलीलपुर राजीव कुमार का कहना है कि उनके द्वारा गोशाला का निरीक्षण किया गया था। जो भी कमियां मिली हैं, उनका सुधार कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जलीलपुर के गांव गांवड़ी में स्थित अस्थाई गौशाला में संरक्षित गोवंश की दशा