बिजनौर। कॉलोनी और हाईवे के बीच आड़े आ रही हरियाली को उजाड़ने में शहर के उद्योगपति और प्राॅपर्टी डीलर आशीष जैन के खिलाफ केस दर्ज हो गया है। वन विभाग ने 11 सरकारी पेड़, पांच ट्री गार्ड और जैव विविधता को खत्म करने का आरोप लगाया है। भारतीय वन अधिनियम की धारा 33 और जैव विविधता अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है। जिसमें कहा गया कि वन विभाग की टीम ने गश्त में पाया कि नूरपुर मार्ग पर आशीष जैन के बंद पड़े भट्ठे के सामने संरक्षित वन क्षेत्र में गर्म सफेद राख पड़ी है। संरक्षित वन क्षेत्र में गर्म राख डलवाकर 11 बड़े सरकारी पेड़ों को जला दिया गया है। साथ ही साल 2024 में बनाए गए पांच राजकीय ब्रिक गार्ड को भी नष्ट किया गया। पेड़ों के अलावा राख से छोटी बड़ी वनस्पति और सूक्ष्म जीव जलकर नष्ट हो गए। जिससे जैव विविधता ही नष्ट हुई है। वन्य जीवों का प्राकृतिक वास नष्ट हुआ है।
बता दें कि अमर उजाला ने दो जून के अंक में संयोग या साजिश : गर्म राख डालकर उजाड़ी हरियाली शीर्षक के साथ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद वन विभाग हरकत में आया। इस मामले में उद्योगपति को वन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया था। लेकिन दिए गए जवाब से वन विभाग संतुष्ट नहीं हुआ। जिसके बाद केस दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
गर्म राख डलवाकर पेड़ों को नष्ट किया गया है। इससे जैव विविधता को भी नुकसान हुआ। मामले में विभाग ने केस दर्ज कर लिया है।
...महेश गौतम, रेंजर, बिजनौर