बिजनौर जनपद के स्योहारा में धोखाधड़ी कर आपरेटिव बैंक गोहावर बैंक से लोन लेने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर प्रबंधक सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सुरानगला निवासी नरेश कुमार पुत्र सुखलाल सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह सीधा और अनपढ़ व्यक्ति है। उसके नाम 141 व 185 दोनों खाते मिलाकर कुल 0.139 बीघा जमीन है। उसके गांव निवासी बिजेंद्र सिंह ने उससे कहा कि वह गोहावर जिला सहकारी बैंक में डायरेक्टर के चुनाव के लिए अपना वोट बनवा ले और उसकी सदस्यता ले ले ताकि उसे आसानी से बीज, खाद व मुफ्त सामान मिल जाए। आरोप है कि वर्ष 2016 में बिजेंद्र सिंह नरेश कुमार को बैंक में ले गया और उससे कोरे कागज सहित जमीन व बैंक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए।
31 मार्च 2022 को नरेश के पास जिला सहकारी बैंक शाखा गोहावर से एक नोटिस आया, जिसमें एक लाख रुपये का लोन लेना दर्शाते हुए 1,57,400 रुपये का बकाया भेजा गया। नोटिस में लोन जमा न होने की स्थिति में कुर्की किए जाने की बात कही गई। नरेश ने जब इस बात की जानकारी बैंक में की तो बताया गया कि उसके हस्ताक्षर पर लोन लिया गया है। जिसके दस्तावेज बैंक में उपलब्ध हैं।
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पीड़ित ने इस संबंध में जब बिजेंदर सिंह, हसीन, नौशाद व चमन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि तुम आधा पैसा जमा कर दो, बाकी लोन हम माफ करा देंगे। जब उसके द्वारा रुपये जमा करने से इनकार किया गया तो बैंक कर्मियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई। नरेश ने कोर्ट में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक, हसीन, लिपिक मोहम्मद यामीन, चपरासी चमन, नौशाद और बिजेंदर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
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