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UP: बिजनौर के डीआईओएस और सीतापुर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी समेत 15 पर केस दर्ज, ये है मामला

Thu, 18 May 2023 12:47 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

आरोपी शहाना बेगम का एक बेटा जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात है। यह सभी लोग शहर के पढ़े-लिखे युवक युवतियों को मदरसे में नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं।
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बिजनौर पुलिस। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिजनौर में तैनात डीआईओएस रामाज्ञा कुमार, सीतापुर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार समेत समेत पंद्रह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में शामिल एक सेवानिवृत्त शिक्षिका के परिवार के कुछ लोगों पर फर्जी मदरसे और स्कूल संचालित कर सरकारी धन गबन करने का भी आरोप है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुए मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि अमरोहा के मोहल्ला घेर पच्छैइया में सिकंदर अली का परिवार रहता है। सिकंदर अली के आरोप के मुताबिक उनके मोहल्ले में रहने वाली सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापिका शहाना बेगम अपने बेटों, बेटियों और दामादों के साथ मिलकर फर्जी तरह से अनेकों सोसाइटी, एनजीओ, स्कूल-मदरसों का संचालन करतीं हैं। जबकि ये संस्थाएं मौके पर धरातल पर नहीं हैं। फर्जी तरीके से छात्रों का नामांकन एक दूसरे संस्था में कर लेते हैं। ये लोग गिरोह बनाकर षड्यंत्र के तहत सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।

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पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अब्दुल मजीद ने अपनी बेटी की शादी शहाना बेगम के बेटे फराज अहमद से की है। आरोपी शहाना बेगम का एक बेटा जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात है। यह सभी लोग शहर के पढ़े-लिखे युवक युवतियों को मदरसे में नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। सिकंदर अली खुद भी उनके बनाए हुए जाल में फंस गए।आरोप है कि वर्ष 2015-16 में मदरसा कनीज उल अमान अमरोहा में मॉडर्न टीचर नियुक्त करने के बहाने आरोपियों ने उनके सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र, फोटो वोटर कार्ड ले लिया था। नियुक्ति करने के नाम पर मोटी रकम मांगी थी जिसे वह पूरा नहीं कर सके। लिहाजा उन्होंने नौकरी नहीं की। 20 जुलाई 2021 को एक्सिस बैंक अमरोहा की ओर से एटीएम कार्ड प्राप्त हुआ। जिसके कवर पर शहाना बेगम का मोबाइल नंबर पड़ा हुआ था।

सिकंदर अली यह देख कर चौक गए और तुरंत एक्सिस बैंक पहुंचे। जब इस संबंध में प्रबंधक से जानकारी की तो पता चला कि उनकी बैंक में पिछले 5 साल से ये खाता संचालित हो रहा है और प्रत्येक महीने वेतन निकाला जा रहा है। इस खाते के माध्यम से 4.35 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। इस खाते में सभी पैसा उत्तर प्रदेश में सरकार मदरसा बोर्ड की ओर से आया है। रुपयों की निकासी एटीएम के द्वारा की जाती है। रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला कि उस खाते में न तो आधार कार्ड लगा हुआ है और न पैन कार्ड। खाते पर आरोपी शहाना बेगम का मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया।

सिकंदर अली ने इस संबंध में आठ अक्तूबर 2021 को जिला विद्यालय निरीक्षक और शहाना बेगम के परिवार के स्कूलों के बारे में सूचनाएं मांगीं। एक्सिस बैंक के प्रबंधक अमित अरोड़ा से अपने खाते के बारे में जानकारी मांगी लेकिन उनके द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई। जबकि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार से मदरसा उल अमानत के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने आधी और अपूर्ण जानकारी करीब एक साल बाद दी। अब सभी आरोपी मिलकर पिछले तीन महीने से फैसले का दबाव बना रहे हैं।

सरकारी कर्मचारियों को कोई घोटाले में नहीं फंसा सकता
सिकंदर अली के आरोप के मुताबिक आरोपियों ने ये भी दावा किया कि सरकारी पद का उपयोग करते हुए हम शहाना बेगम, पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अब्दुल मजीद खां और उनके पूरे परिवार को बचा लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को कोई घोटाले में नहीं फंसा सकता है।
 
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने धमकाया, जेल भिजवाने की दी धमकीआरोप के मुताबिक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार ने पीड़ित सिकंदर अली को अपने कार्यालय में धमकाया और षड्यंत्र के तहत जेल भिजवाने की धमकी दी। सभी आरोपी सिकंदर अली पर जानलेवा हमला कर चुके हैं। मारपीट कर एक हाथ छोड़ दिया। अब हत्या करने के प्रयास में लगे हैं।

 

आरोपी अपने दोस्तों से दर्ज करा रहे मुकदमे पीड़ित सिकंदर अली के आरोप के मुताबिक आरोपी फर्जी और झूठे मुकदमे अपने दोस्तों से दर्ज करा रहे हैं। आरोप है कि शहर में व्हाट्सएप और फेसबुक पर बदनाम कर रहे हैं। 15 मार्च 2022 की सुबह 11:30 बजे की आरोपियों ने घर में घुसकर गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। गला घोंटने का भी प्रयास किया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई।

लिहाजा उन्होंने डीआईजी शलभ माथुर से इंसाफ की गुहार लगाई। जिनके निर्देश पर बिजनौर में तैनात डीआईओएस रामाज्ञा कुमार, पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अब्दुल मजीद खान, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार, एक्सिस बैंक के प्रबंधक अमित अरोड़ा समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमातत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक रामाज्ञा कुमार (वर्तमान में बिजनौर), जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश कुमार(वर्तमान में सीतापुर), पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अब्दुल मजीद खां (सेवानिवृत्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी), एक्सिस बैंक के प्रबंधक हरमीत अरोड़ा, मोहल्ला घेर पच्छैइया की रहने वाली शहाना बेगम, उनकी बेटी शबाना खान, फोजिया रिजवी, नाजिया अहमद, बेटे नदीम सिद्दीकी, फराज अहमद, परवेज सिद्दीकी, अथर अहमद, फराज अहमद की पत्नी सना परवीन, लियाकत अली, यासीन सिद्दीकी उर्फ अब्दुल्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमासीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 147, 452, 323, 504, 506, 420 और 406 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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