बिजनौर। जिले के अलग-अलग थानों में खड़े तीन हजार से ज्याद वाहन कबाड़ बनते जा रहे हैं। इनकी थानेे में कोई देखरेख नहीं होती। ये वाहन थानों से निस्तारण के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में 22 थाने है। इनमें एक महिला थाना है। 22 थानों में बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नगीना, नजीबाबाद कोतवाली है। जिले के इन सभी थानों में तीन हजार से ज्यादा वाहन खड़े हैं, जिन्हें विभिन्न मामलों में जमा किया गया है। लंबे समय से खड़े ये वाहन कबाड़ बनते जा रहे है। थानों में खड़े इन वाहनों की कोई देखरेख भी नहीं करता। इतना जरूर है कि इन वाहनों का सामान चोरी हो जाता है। थाने में जो लोग अपने वाहनों का पता करने आते हैं, उन्हें पता चल जाता है कि वाहनों के पुर्जे चोरी हो चुके हैं।
थाने में बाइक के अलावा तमाम कार व अन्य वाहन मौजूद हैं। शहर कोतवाली बिजनौर में करीब 200 वाहन खड़े है। रविवार को आग लगने से तीन वाहन जल गए। इनमें ज्यादातर वाहन मुकदमों से जुड़े हैं। कई थानों में लावारिस वाहन भी हैं। पुलिस के अलावा आरटीओ विभाग विभाग भी वाहन को पकड़कर थानों में खड़ा कर देता है। ये वाहन थानों के बाहर खड़े करा दिए जाते है। कई बार चालान होने के बाद भी वाहनों के चालाक थानों के बाहर से इन वाहनों को रात के अंधेरे में लेकर भाग जाते हैं।
एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक मुकदमों से संबंधित वाहन कोर्ट के आदेेेश के बाद ही थानों से जाएंगे। जो लावारिस वाहन छह माह से खड़े हैं, उनकी वे सूची तैयार करा रहे हैं। इसके बाद उनकी नीलामी की प्रकिया शुरू होगी।
बिजनौर थाने में खड़े वाहन।- फोटो : BIJNOR