बिजनौर। कैंसर के मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में ही कैंसर जांच शुरू करने की तैयारी चल रही है। फिलहाल, एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) के जरिए गांठों की जांच कर कैंसर का पता किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में चिकित्सक शरीर के किसी अंग में होने पर गांठ की प्रवृत्ति जानने के लिए एफएनएसी जांच कर रहे हैं। रोजाना करीब 10 लोगों की गांठ की जांच की जा रही है। लैब इंचार्ज डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि पिछले एक साल में गांठ की जांच के बाद करीब 20 कैंसर रोगी मेडिकल कॉलेज में खोजे गए। इन मरीजों के गले की गांठ, थायराइड, स्तन की गांठ की जांच हुई। इसके बाद कैंसर से ग्रसित मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। एफएनएसी जांच में चिकित्सक बारीक सुई से शरीर के किसी अंग या गांठ से कोशिकाओं का नमूना लेते हैं। इसके बाद प्रयोगशाला में माइक्रोस्कोप के जरिए नमूने की जांच करते हैं।