जैविक खेती में फसल व बीज के सही चयन का आह्वान
बिजनौर। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित जैविक कृषि कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सीमली में कृषक परीक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। किसानों को जैविक खेती के बारे में बताया गया।
शील बायोटेक लिमिटेड के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक डा.जेपी शर्मा ने कहा कि पूरे विश्व में जैविक उत्पादों की बहुत मांग है। परियोजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में गठित कृषक समूहों के द्वारा खरीफ 2020 के जैविक उत्पादों विशेषकर जैविक गुड़ और चावल बाजार से दोगुने दाम में बिका। जैविक विधि से उत्पादन लागत कम आती है और दाम ज्यादा मिलता है। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.केके सिंह ने जैविक विधि से खेती में फसल की प्रजाति का ध्यान रखने का आह्वान किया। बताया कि धान, गेहूं, सरसों, मसूर फसलों की फोर्टिफाइड प्रजातियां जनपद में उपलब्ध हैं।
जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र ने कहा कि बाजार मांग के अनुसार ही फसल व प्रजाति चयनित करनी चाहिए। बताया कि जैविक गुड़, भिंडी और करेला सब्जी की गल्फ कंट्री में काफी मांग है। जैविक फसलों की सुनिश्चित विपणन व्यवस्था करने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान जगदीश सिंह ने कहा कि किसानों को फसल बेचने की सुविधा मिले तो वे जैविक खेती करने से पीछे नहीं हटेंगे। किसानों को जैविक कृषि कार्यक्रम का सी-2 प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ध्रुव कुमार मिश्रा, रजत चौधरी सहित करीब 100 किसान मौजूद रहे।