बिजनौर में सिलेंडर के बदले उपभोक्ता अब डिजिटल पेमेंट देंगे। अब घरों में गैस सप्लाई करने आने वाले हॉकरों के हाथों में भी पोस (प्वॉइंट ऑफ सेल) मशीन दिखाई देगी। कैश नहीं होने पर भी एटीएम व क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर उपभोक्ता गैस खरीद सकेंगे। इसके लिए हॉकरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नोटबंदी के बाद अब व्यापार को कैशलेस करने की तैयारी की जा रही है। उपभोक्ताओं को एटीएम व क्रेडिट कार्ड से पोस मशीनों द्वारा डिजिटल पेमेंट व लेनदेन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उपभोक्ता और व्यापारियों में भी पोस मशीनों का चलन बढ़ता जा रहा है। अब उपभोक्ता रसोई गैस का सिलेंडर भी एटीएम व क्रेडिट कार्ड से खरीद सकेंगे।
गैस एजेंसियों के हॉकर अपने हाथों में पोस मशीन लेकर उपभोक्ताओं के घर आएंगे। अपने एटीएम व क्रेडिट कार्ड से उपभोक्ता गैस का डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं के खाते से रुपये कटकर सीधे गैस एजेंसी के खाते में जाएंगे। नए कनेक्शन या चूल्हा आदि लेते वक्त भी पोस मशीन का प्रयोग कर सकेंगे। हालांकि अभी पोस मशीन से ही भुगतान करने को अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
सिलेंडर के मूल्य में ही उसका होम डिलीवरी चार्ज जुड़ा होता है। हॉकर उपभोक्ताओं से किराए के 50 रुपये तक लेते हैं। एटीएम व क्रेडिट कार्ड से पेमेंट केवल मूल्य का भुगतान ही किया जाएगा। हॉकर अलग से रुपये मांगता है तो इसकी शिकायत संबंधित गैस एजेंसी से की जा सकती है।
इस संबंध में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर विपिन आनंद ने बताया कि कई जिलों में पोस मशीनों से सिलेंडरों का भुगतान व अन्य कार्य कराना शुरू हो गया है। बिजनौर में भी हॉकरों को जल्दी ट्रेनिंग दी जाएगी।