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कारोबार को लेकर असमंजस में व्यापारी

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कारोबार को लेकर असमंजस में व्यापारी
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चांदपुर। केंद्र सरकार की ओर से मंडी समिति से बाहर व्यापार करने पर मंडी शुल्क समाप्त कर दिए जाने से व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। व्यापारी मंडी परिसर में कारोबार करें या मंडी परिसर से बाहर, उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं लेती तो व्यापारी मंडी समिति से बाहर कारोबार करने लगेंगे।
कृषि उत्पादन मंडी समिति चांदपुर में गुड़ का अच्छा कारोबार होता है। समिति में करीब सक्रिय 30-35 गुड़ लाइसेंसी व करीब 50-55 फल सब्जी के व्यापारी हैं। मंडी परिसर में कारोबार पर ढाई प्रतिशत राजस्व लिया जाता है। इनसे मंडी समिति को प्रतिवर्ष करीब पांच से छह करोड़ तक का राजस्व मिलता है। केंद्र सरकार द्वारा पांच जून को अध्यादेश जारी किया गया था कि मंडी परिसर में काम करने वाले व्यापारियों से ही मंडी शुल्क लिया जाना है। जो व्यापार मंडी परिसर के बाहर होगा उन पर मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन इस अध्यादेश के आने के बाद व्यापारियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। प्रतिस्पर्धा के चलते मंडी परिसर के बाहर मंडी शुल्क न होने से बाहर के कारोबार व मंडी समिति परिसर के अंदर कारोबार करने में काफी अंतर आएगा।
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मंडी समिति सचिव त्यागी ने बताया कि केंद्र सरकार ने पांच जून को अध्यादेश जारी किया है। इसमें मंडी परिसर से बाहर के कारोबार पर सभी शुल्क समाप्त कर दिया है। मंडी से बाहर व्यापारी को कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। व्यापारी मंडी परिसर से बाहर लोडिंग करेंगे। जिस तरह से व्यापारी बाहर को रुख कर रहे हैं, उससे करीब 90 प्रतिशत नुकसान मंडी समिति को होगा। करीब 45 जींसों पर शुल्क खत्म कर दिया है। मात्र सात जींसों पर ही शुल्क रह गया है। मंडी को करीब छह करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था।
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गुड़ एवं खांडसारी उद्योग के सचिव अजय मित्तल का कहना है कि व्यापारी असमंजस की स्थित में हैं। व्यापारी मंडी परिसर को छोड़ने के लिए बाध्य हैं। किसान को एक जगह थी जहां माल ले जाकर देना होता था। अब किसान को जगह जगह भटकना पड़ रहा है। मंडी परिसर में उसे वाजिब दाम भी मिलते थे, अब उसका जगह जगह दोहन हो रहा है। सरकार को इस बारे में कुछ करना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि है कि कर्नाटक में 35 पैसे मंडी शुल्क कर दिया है। उत्तर प्रदेश में सरकार मंडी शुल्क को पचास पैसे कर दे। इससे मंडी समिति का खर्चा भी निकलेगा।
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