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चुनाव में गई बसें, सड़कों पर रही यात्रियों की भीड़

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चुनाव में गई बसें, सड़कों पर रही यात्रियों की भीड़
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बिजनौर। यूपी में 14 फरवरी को विधानसभा चुुनाव का दूसरा चरण है। जिसके चलते चुनाव कराने डिपो से 13 बसें निगम और 29 अनुबंधित बसें गई हुए हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। चुनाव में बसें जाने से सड़कों यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। पहले बिजनौर डिपो से चुनाव कराने के लिए सिर्फ निगम की बसें गई हुई थी, मगर शनिवार को अनुबंधित बसें भी गई हैं, जिसमें धामपुर डिपो, चांदपुर डिपो, नजीबाबाद डिपो की सभी अनुबंधित बसें शामिल हैं।
बिजनौर डिपो से अलग-अलग रूटों पर 114 बसों का संचालन किया जाता है। जिनमें 84 बसें निगम और 29 बसें अनुबंधित की शामिल हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव होने से यात्रियों को सफर में दिक्कतें आ रही हैं। शासन की ओर से डिपो से बसों की मांग की गई थी। जिसके बाद डिपो से पहले चरण के चुनाव कराने के करीब 35 बसें गई थी। जिसके बाद अब निगम की 13 बसें चुनाव में गई हैं। जबकि डिपो की सभी 29 अनुबंधित बसें शनिवार को चुनाव में गई हैं। बस न मिल पाने के कारण यात्री डिपो पर घंटो इंतजार कर रहे हैं। घंटों इंतजार करने के बाद यात्रियों को खड़े होकर बसों में सफर करना पड़ रहा है। मेरठ से आने वालेे लोगों को भी कई घंटों में जाकर बस मिल रही है। लोग बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं। रविवार को डिपो से 65 बसों का संचालन किया गया।
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अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। लेकिन बसें कम होने से डिपो पर यात्रियों की संख्या कम नहीं हो रही है। सभी रूटों पर एक-दो बसें भेजी जा रही हैं। बसों में इतनी भीड़ है कि लोग एक पैर पर खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव होने तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
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फेरे बढ़ाने और नए रूटों को लेकर नोकझोंक
भीड़ ज्यादा होने से डिपो अधिकारी बसों को दूसरों रूटों पर भेज रहे हैं। डिपो पर जिस रूट के यात्री ज्यादा होते हैं, उसी रूट पर बसें भेजी जाती हैं। निर्धारित रूट पर चलने वाली बसों के रूट बदलने को लेकर अधिकारियों और परिचालकों के बीच नोकझोंक हुई। परिचालक अपने निर्धारित रूट पर बस ले जाने की बात पर अड़ा था, जबकि अधिकारी उसे दूसरे रूट पर भेज रहे थे।
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