बिजनौर। गंगा स्नान मेले में रोडवेज बसों की सुविधा न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। श्रद्धालुओं को मेन रोड से मेले तक पैदल सफर करना पड़ा।
विदुर कुटी पर गंगा किनारे लगने वाले गंगा स्नान मेले में रोडवेज निगम श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था करता था। चांदपुर-बिजनौर मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर अंदर विदुर कुटी तक जाती थी।
वहां से बसों के संचालन के लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन इस बार रोडवेज निगम ने श्रद्धालुओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। रोडवेज बसें भी विदुर कुटी तक जाने के बजाय चांदपुर-बिजनौर पर ही संचालित की और न ही वहां पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसों के नियमित संचालन के लिए स्टाफ की तैनाती की गई।
बसों के माध्यम से मेेले में जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के विदुर कुटी मंदिर तक न जाने से उन्हें करीब एक किमी से अधिक की दूरी पैदल तक करनी पड़ी।
एआरएम सुभाष राय ने कहा विदुर कुटी गंगा स्नान मेेले में बसों को अंदर तक भेजने पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
इस कारण बसों को विदुर कुटी मंदिर तक नहीं भेजा। मेले से जाम का असर अधिक रहा। इस कारण डिपो की आय में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ।
अव्यवस्थाओं के बीच मेला संपन्न
अफजलगढ़। भूतपुरी में रामगंगा के तट पर लगने वाले गंगा स्नान मेला अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने वाहनों को अफजलगढ़ से वाया हरेवली के लिए डायवर्ट कर दिया।
साथ ही शेरकोट से हरेवली तिराहे से वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई। जिस कारण श्रद्धालुओं को बसें नहीं मिलने के कारण गंगा स्नान मेले तक पहुंचने में परेशानी हुई।
अफजलगढ़ क्षेत्र में भूतपुरी के रामगंगा तट पर लगने वाले गंगा स्नान मेले का काफी महत्व है। यहां पर हजारों गांवों के श्रद्धालु रामगंगा के तट पर पहुंचकर बच्चों का मुंडन कराते हैं। श्रद्धालुओं की मांग पर इस बार कालागढ़ रामगंगा बांध प्रशासन की ओर से मेले के लिए दो दिन पहले पानी छोड़ा गया।
पानी के देरी से और कम मात्रा में छोड़ने से श्रद्धालु आराम से डुबकी नहीं लगा सके। श्रद्धालुओं ने मध्य रात्रि से ही स्नान शुरू कर दिया था।
अधिकांश अपने संसाधनों से परिवार के साथ मेले में पहुंचे। मेले में बच्चों के लिए झूले, नाव, आकर्षण रहे। वहीं, महिलाओं ने क्रॉकरी, मिट्टी के बर्तन व बच्चों के खेल के सामान की खरीदारी की।
मेले कमेटी की ओर से शिविर लगाए थे, लेकिन वे सुविधा विहीन होने से श्रद्धालुओं को उनका लाभ नहीं मिल सका। प्रशासन की ओर से कोई शिविर नहीं लगा था।
बिना प्रचार के चली मेला स्पेशल ट्रेन
नजीबाबाद। गंगा स्नान पर्व पर रेलवे ने नजीबाबाद से लक्सर के बीच दो स्पेशल ट्रेनें चलाईं। एसएस अजीत सिंह ने बताया कि पहली मेला स्पेशल सुबह 5.50 बजे और दूसरी मेला स्पेशल दिन में 12 बजे लक्सर के लिए रवाना की गई। दोनों स्पेशल ट्रेनों ने लक्सर से ही वापसी की।
रेलवे ने गंगा स्नान पर्व को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो स्पेशल ट्रेन चलाईं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में नजीबाबाद से चंद यात्रियों को ही लेकर ट्रेनें गंतव्य के लिए रवाना हुईं।
वापसी में कुछ यात्रियों को लाभ मिला। ट्रेन की जानकारी का अभाव होने से यात्रियों को प्राइवेट और रोडवेज बसों में भारी भीड़ में परेशानी उठानी पड़ी।