धामपुर में सिंचाई विभाग की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार रात बुलडोजर कार्रवाई की गई। विभाग ने अस्थाई चैंबर हटाए, जबकि अधिवक्ताओं ने कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से करने की मांग की।
बिजनौर जनपद के धामपुर में सिंचाई विभाग की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार रात बुलडोजर कार्रवाई की गई। डीएम के आदेश पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने विभागीय कॉलोनी में सड़क किनारे बने अस्थाई चैंबर और अन्य अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए।
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विभाग का आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं और बाहरी लोगों ने ट्री-गार्ड व पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर वहां टीन शेड के केबिन बना लिए थे। कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं में असंतोष है। उन्होंने विभाग से सभी अतिक्रमणों के खिलाफ समान कार्रवाई की मांग की है।
ट्री-गार्ड और पेड़ क्षतिग्रस्त कर बनाए केबिन
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव के अनुसार, धामपुर स्थित सिंचाई विभाग की कॉलोनी में सड़क के किनारे विभाग की ओर से ट्री-गार्ड लगाए गए थे। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं और बाहरी लोगों ने ट्री-गार्ड व पेड़ों को तोड़कर या क्षतिग्रस्त कर वहां ईंटें बिछाकर पक्का फर्श बनाया और टीन शेड के केबिन स्थापित कर लिए।
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विभाग के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित लोगों को कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई न होने पर विभाग को अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाना पड़ा।
निरीक्षण में सामने आया अतिक्रमण
अधिशासी अभियंता ने बताया कि 15 सितंबर की रात करीब आठ से नौ बजे विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। इसमें सरकारी जमीन पर कई अस्थाई निर्माण और अतिक्रमण पाए गए। विभाग की ओर से अतिक्रमणकारियों की सूची भी तैयार की गई है।
विभाग का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विभाग ने इस संबंध में डीएम से अतिक्रमणकारियों का समर्थन करने वालों की भी जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
सड़क पर जलभराव और जाम की समस्या का दावा
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सड़क का स्तर नीचे हो गया है, जिससे बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या होती है। सड़क प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के आवागमन का मुख्य मार्ग भी है।
विभाग के अनुसार, सड़क किनारे चैंबर बनने से आवागमन प्रभावित होने के साथ जाम की स्थिति भी पैदा हो रही थी। इसी आधार पर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।
कार्रवाई से अधिवक्ताओं में असंतोष
सिंचाई विभाग की कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों में असंतोष है। अधिकांश अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है तो इसे निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अन्य अधिवक्ताओं और बाहरी लोगों के भी कब्जे बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सभी अतिक्रमणों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं की गई तो इसे भेदभावपूर्ण माना जाएगा।
सभी चैंबरों की जांच की मांग
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि सिंचाई विभाग जमीन पर बने सभी चैंबरों और अन्य निर्माणों की जांच कराए तथा जो भी अतिक्रमण नियमों के विपरीत पाए जाएं, उनके खिलाफ समान कार्रवाई की जाए।