चांदपुर में बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथियों का स्वागत करते कार्यकर्ता।
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बिजनौर में बसपा ने बिजनौर लोकसभा सीट पर चांदपुर के पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार पर दांव खेला है। चांदपुर में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में इसकी घोषणा की गई। रुचिवीरा का विरोध करने पर इकबाल ठेकेदार को बसपा से निष्कासित कर दिया था, फिर बाद में वापस पार्टी में ले लिया गया था। इस निर्णय से उसके समर्थक गदगद हैं।
बसपा ने पिछले दिनों बिजनौर लोकसभा सीट से पूर्व विधायक रुचि वीरा का प्रभारी बनाया था। पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार व मंडल कोआर्डिनेटर जितेंद्र सागर को रुचिवीरा के बसपा में शामिल होने का विरोध करने पर दोनों को बसपा से निष्कासित कर दिया था। जितेंद्र सागर की बसपा में बाद में वापसी हो गई थी और 10 जनवरी को भी इकबाल ठेकेदार की भी पार्टी में वापसी हो गई थी। बसपा को टिकट लेने को रुचि वीरा, इकबाल ठेकेदार, मलूक नागर व कादिर राणा में होड़ लगी थी। चांदपुर में रविवार को हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में इकबाल ठेके दार को बसपा का लोकसभा प्रभारी बनाने की घोषणा की गई। पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल के आवास पर आयोजित बिजनौर लोकसभा कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुद्दीन राईन ने इकबाल ठेकेदार को लोकसभा प्रभारी बनाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के साथ बसपा नेे 1993 में गठबंधन कर भाजपा को हराया था। कहा कि भाजपा ने देश में दो करोड़ नौजवानों को नौकरी देने, किसानों की फसल की आमदनी डेढ़ गुनी करने, एक परिवार के खाते में 15 लाख लाने के वादे किए थे जोकि झूठ साबित हुए।
कहा कि देश प्रदेश में झूठों की सरकार चल रही है। भाजपा ने हर तरह से झूठ बोलने का काम किया। मुरादाबाद बरेली मंडल के मुख्य जोन इंचार्ज गिरीश चंद्र ने कहा कि भाजपा ने कोई वादा पूरा नहीं किया। साढ़े चार साल में कोई वादा पूरा नहीं किया तो किसानों को छह हजार रुपये देने का वायदा भी पूरा नहीं करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब भगाओ मोदी सरकार पर काम करना होगा। बिजनौर लोकसभा प्रभारी मोहम्मद इकबाल ने बसपा सुप्रीमो मायावती का आभार व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता व जितेंद्र सागर के संचालन में हुए कार्यक्रम में मुरादाबाद के मुख्य जोन कोआर्डिनेटर धनीराम सिंह, तिलकराज , पूर्व विधायक महीपाल मांढा, पूर्व विधायक योगेश कुमार वर्मा, अनिल कुमार, सुरेश कश्यप, नरेश गौतम, सत्यपाल पीपला, राजकुमार गौतम, सरजीत सिंह, वीपी सिंह, अहसान खां, रामअवतार सिंह, जगनेश्वर प्रसाद आदि मौजूद रहे।