बिजनौर मेंकुछ शिक्षिकाओं ने स्कूल में निरीक्षण के दौरान बीएसए पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस मामले में बीएसए से वार्ता तय हुई मगर उनके कार्यालय न पहुंचने पर शिक्षकों ने रास्ते में ही उन्हें घेर लिया। उनकी ओर से फिर दफ्तर में वार्ता का समय तय हुआ। लेकिन वे कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके चलते तीन घंटे तक हंगामे के बाद शिक्षकों ने डीएम को शिकायत भेजी है।
बीएसए महेंद्र चंद्र ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय पर रसूलपुर पिरथी का निरीक्षण किया था। स्कूल की प्रधानाध्यापिका लता रानी, शिक्षिका नीता तोमर, अर्चना शर्मा, आशा रानी एवं चंद्रकांता का आरोप है कि बीएसए ने उनके साथ अभद्रता की। उनकी ओर से शिक्षक संगठनों को अवगत कराया गया। इस पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव ने बीएसए से वार्ता का समय मांगा। लेकिन वार्ता के लिए बीएसए कार्यालय नहीं पहुंचे।
दोपहर करीब दो बजे शिक्षकों को पता चला कि बीएसए एलआईसी कार्यालय के पास गुजरने वाले हैं। यह सूचना मिलते ही शिक्षकों ने रास्ते में ही निजी गाड़ी से आ रहे बीएसए को घेर लिया और काफी देर तक हंगामा किया। यहां बीएसए ने कहा कि वे कार्यालय में ही वार्ता करेंगे। लेकिन बाद में बीएसए कार्यालय नहीं पहुंचे। शिक्षकों ने काफी देेेेर तक यहां पर हंगामा किया। बाद में वित्त एवं लेखाधिकारी संजय शर्मा, खंड़ शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा के साथ शिक्षकों की वार्ता हुई। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद शिक्षकाें की ओर से डीएम को बीएसए के व्यवहार को लेकर शिकायत भेजी।
इस मौके पर वेतन भोगी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, गौरव सिंह, जिला मंत्री प्रशांत चौधरी, दुष्यंत कुमार, अंगजीत सिंह, अरविंद चौधरी, मीनू सिंह, सुहेल अख्तर बेग, सरदार हरवंत सिंह, ताजवीर सिंह, रूपेश चौधरी सहित काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। उधर, बीएसए महेश चंद्र ने शिक्षिकाओं द्वारा लगाए गए आरोपो को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि स्कूल के निरीक्षण के दौरान शिक्षिकाओं से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। कोई अभद्रता नहीं की।