पुल बन गया, बंधा बनाने के लिए पैसा नहीं
बिजनौर। कई राज्यों को जोड़ने वाला बालावाली का पुल तो बनकर तैयार हो गया, लेकिन पुल के एक तरफ एप्रोज रोड के साथ पुल के दोनों ओर बंधा बनाने के लिए शासन से धन नहीं मिला। जिसके कारण पुल चालू नहीं हो पा रहा है। इस पुल के चालू होने से हरिद्वार की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा को जोड़ने के लिए बालावाली गंगा पर पुल का 23 फरवरी 2015 को पुल बनाने को मंजूरी मिली थी। 3995.66 लाख रुपये पुल बनाने के लिए मंजूर हुए थे। 990.90 मीटर लंबा यह पुल बनकर तैयार हो गया है। पर पुल चालू नहीं हो पा रहा है। इस पुल को बनाने की लंबे अरसे से मांग चल रही थी। पुल के चालू होने से हरिद्वार की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। कई जिलों के लोग इस पुल के माध्यम से ही आ जा सकेंगे। पुल के दोनों ओर 200-200 मीटर लंबी एप्रोच रोड बनाई जानी थी। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के किसान एप्रोच रोड बनाने को जमीन देने को तैयार नहीं थे। कड़ी मशक्कत के बाद उत्तराखंड की ओर के किसानों को राजी करके उधर एप्रोच रोड बना दी गई। उत्तर प्रदेश की ओर अभी यह रोड नहीं बनी है। रोड बनाने के प्रयास चल रहे हैं।
किसानों को जमीन देने के लिए राजी किया जा रहा है। पुल के दोनों ओर 200 मीटर गंगा पर बंदा बनना भी जरूरी है। इसके लिए 14 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बिना बंधा बने अधिकारी पुल को चालू करने के लिए तैयार नहीं हैं। शासन से बंधा बनाने के लिए अभी तक धन नहीं मिला है। अधिकारी धन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही गंगा के दोनों ओर बंधा बनने का काम शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुनील सागर के मुताबिक गंगा पर बंदा बनने व उत्तर प्रदेश की ओर एप्रोच रोड बनने के बाद ही पुल चालू हो पाएगा।
पुल से गुजरेंगे हल्के भारी सभी वाहन
पुल के चालू होने से पुल पर हल्के व भारी सभी तरह के वाहन गुजर सकेंगे। अभी तक छोटे वाहन रेलवे के पुल से निकलते थे। इस पुल से बड़े वाहन भी निकलने लगे थे। अवैध खनन की शिकायत पर इस पुल से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। छोटे वाहनों को ही निकलने की इजाजत है।