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फोरलेन के रास्ते में आ रहे मकानों को तोड़ा

Mon, 24 Jun 2019 11:57 PM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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नगीना के ग्राम पुरैनी में मकान तोड़ती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नगीना में फोरलेन निर्माण कर रही पीएनसी कंपनी के अधिकारियों व पुलिस प्रशासन ने ग्राम पुरैनी में एक दर्जन से ज्यादा मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि विरोध करने वाले लोगों व महिलाओं के साथ पुलिस ने अभद्रता की तथा उनके कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया। उधर, ग्रामीणों के मकान गिराने के विरोध में भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने पुरैनी पहुंचकर धरना शुरू कर पीएनसी की जेसीबी मशीनों को कब्जे में ले लिया।
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सोमवार को एसडीएम गजेंद्र कुमार, सीओ प्रवीण कुमार व थाना प्रभारी राजेश तिवारी भारी पुलिस बल व पीएनसी कंपनी के अफसरों के साथ ग्राम पुरैनी पहुंचे और फोरलेन के रास्ते में आ रहे एक दर्जन से अधिक मकानों को जेसीबी ने गिराना शुरू कर दिया। सबसे पहले गांव के किनारे से जब तेजपाल का मकान का गिराना शुरू किया तो उसके परिवार ने इसका विरोध किया। आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ जमकर बदसलूकी की तथा उनके कपड़े फाड़ दिए और बल प्रयोग करके गांव के चार लोगों योगेंद्र सिंह, रविंद्र, कुमार, तेजपाल सिंह, राम सिंह को जबरन गाड़ी में बैठा कर थाने ले गए। इसके बाद जेसीबी से हितेश कुमार, योगेंद्र सिंह ,ओमप्रकाश राम सिंह, शैलेंद्र सिंह, घनश्याम सिंह, रविंद्र सिंह आदि के कच्चे-पक्के व दो मंजिला मकान गिरा दिए। उधर, गांव के ही भाकियू कार्यकर्ता डॉ योगेंद्र ने इसकी सूचना जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह को दी। दिगंबर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता ग्राम पुरैनी पहुंचे और ग्रामीणों के मकान गिरा रही पीएनसी कंपनी की मशीन को कब्जे में लिया और सड़क किनारे धरना देना शुरू कर दिया।
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों को उनके मकानों का मुआवजा दे दिया गया था और उन्हें सूचना दी गई थीं। उन्हें उच्च अधिकारियों की और  मकानों को गिराने के आदेश मिले थे। आदेश का पालन किया गया है ।
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मुआवजा नहीं देने का आरोप
ग्रामवासी मेघराज, रामपाल, घनश्याम, जयपाल ओमपाल, राम प्रकाश आदि ने बताया कि उन्हें भूमि को उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है, न ही पुनर्वास के लिए उन्हें पैसा मिला है। इसके लिए यूनियन भी कई बार ग्राम पुरैनी व एसडीएम कोर्ट में धरना देकर मुआवजे की मांग कर चुकी है और अधिकारी भी उन्हें आश्वासन दे चुके थे। मगर, सोमवार की दोपहर अचानक प्रशासनिक मशीनरी ने गांव पहुंचकर उनके जबरन मकान तोड़ दिए गए। मकानों में रखा लाखों रुपये का सामान भी बर्बाद कर दिया। विरोध करने पर लोगों को पीटा गया तथा महिलाओं के कपड़े फाड़ दिए।




ग्रामीणों को न्याय दिलाया जाएगा
धरना दे रहे भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, तहसील अध्यक्ष वीर सिंह ,ब्लाक अध्यक्ष समरपाल सिंह, नितिन सिरोही ने बताया कि उनकी डीएम सुजीत कुमार से फोन पर वार्ता हुई थी। उन्होंने कहा था कि पुरैनी के लोगों को शीघ्र ही मुआवजे के चेक दे दिए जाएंगे। उसके बाद ही कार्रवाई होगी लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने कार्रवाई कर दी। दिगंबर सिंह ने कहा कि जो गुंडागर्दी प्रशासन ने की है उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी तथा किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। यदि पीएनसी कंपनी मुआवजा  नहीं देती तो पूरे जिले में एक साथ कंपनी का हाईवे पर चल रहा काम बंद करा दिया जाएगा। 27 जून को सभी तहसीलों पर पर धरना-प्रदर्शन कर जिले में फोरलेन हाईवे का काम रुकवा दिया जाएगा। ग्रामीणों को न्याय दिलाया जाएगा।
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