फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेज रफ्तार लगा रही जिंदगी की गाड़ी में ब्रेक

विज्ञापन
विज्ञापन
तेज रफ्तार लगा रही जिंदगी की गाड़ी में ब्रेक
विज्ञापन

बिजनौर। तेज रफ्तार जिंदगी की गाड़ी में ब्रेेक लगा रही है। वाहनों की तेज गति की वजह से होने वाले हादसों में लोगों की जान चली जाती है। जिले में औसतन एक मौत हर रोज सड़क हादसों में हो रही है। साढ़े तीन महीने में 103 मौत दुर्घटना में हो चुकी है। मौत के बाद भले ही कानूनी कार्रवाई होती रहे, लेकिन दुनिया को छोड़ देने वाले व्यक्ति का परिवार खालीपन को कभी नहीं भर पाता। हादसे में मरने वाले के आश्रित जीवनभर दिक्कतों से जूझते रहते हैं, मुआवजे के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ता है।
तंग सड़कों पर वाहनों की स्पीड पर स्वत: ही लगाम हुई थी। अब सड़केें बेहतर हैं तो वाहनों की गति बढ़ रही है। साथ में बढ़ रहे सड़क हादसे। मामला पुलिस में पहुंचता है तो तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग करना कागजों में लिख दिया जाता है। यह सिर्फ कागजों में ही तस्दीक नहीं हो रहा, बल्कि वाहनों को तेज गति में दौड़ाया जा रहा है। हर साल होने वाले चालान भी इसकी तस्वीर साफ कर रहे हैं। साल 2021 में परिवहन विभाग ने 55 ऐसे वाहनों के चालान किए थे, जोतेज गति में दौड़ते मिले। अबकी बार इस साल हालात एकदम जुदा है। साल 2022 के एक जनवरी से लेकर अब तक 80 चालान ऐसे वाहनों के काटे जा चुके हैं जो तेज स्पीड में सड़क पर दौड़ते मिले। हालांकि कार और अन्य छोटे वाहनों से तेज गति में दौड़ने का दो हजार रुपये जुर्माना वसूला जाता है। वहीं ट्रक या बस तेज गति में चलती मिली तो उनसे चार हजार रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। इस साल 45 भारी वाहन तेज गति में दौड़ते हुए स्पीड रडार गन ने पकड़े हैं।
विज्ञापन

2022 में हादसों पर एक नजर
माह सड़क हादसे मौत घायल
जनवरी 34 27 21
फरवरी 43 33 29
मार्च 44 28 31
अप्रैल 21 5 18
(नोट: अप्रैल माह के आंकड़े 15 अप्रैल तक हैं।)
2021 के हादसों पर एक नजर
साल 2021 में जिलेभर में 492 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 313 लोगों की जान चली गई। जबकि इन हादसों में 382 लोग घायल हुए। पिछले साल नवंबर का महीन सबसे खराब रहा। नवंबर में 41 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 51 लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन

वर्जन...
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक किया जाता है। फिर भी लापरवाही और तेज गति में वाहन चलाने के मामले सामने आते हैं। इस साल तेज गति से वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की गई है। साढ़े तीन महीने में ही 80 चालान किए गए। पिछले साल 55 ऐसे वाहनों के चालान किए गए थे जोकि तेज रफ्तार में दौड़ते मिले।
-शिव शंकर सिंह, एआरटीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें