किताबें मिली नहीं, जुलाई के अंत में होनी हैं परीक्षाएं
चांदपुर। शासन के आदेशानुसार परिषदीय विद्यालयों में जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में तिमाही परीक्षाएं होनी हैं। परिषदीय विद्यालय खुलने के ढाई माह बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक बच्चों के हाथों में नई किताबें नहीं थमा पाया है। बच्चों को बिना किताबों के या कुछ बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
शासन ने पहली बार सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में तिमाही परीक्षाएं कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने लक्ष्य तय कर दिए हैं। कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं में यह परीक्षा होगी। जुलाई, अक्टूबर, जनवरी, मार्च माह में परीक्षा कराने की योजना है। ब्लॉक जलीलपुर में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट कुल मिलाकर 185 परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें करीब बीस हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। ग्रीष्मावकाश के बाद में परिषदीय स्कूल खुल गए हैं, लेकिन बच्चे बिना किताबों के पढ़ रहे हैं। अध्यापकों ने बच्चों के लिए पुराने बच्चों से किताब लेकर व्यवस्था बनाने की कोशिश तो जरूर की जा रही है, लेकिन बहुत से बच्चों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल सकी हैं।
बेसिक शिक्षाविभाग में एक अप्रैल को नया सत्र शुरू हुआ था। 20 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया था। 16 जून से विद्यालय फिर से खुल गए हैं, लेकिन अब तक किताबों की आपूर्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। किताबों के अभाव में विद्यालय जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में बाधा पैदा हो रही है। जलीलपुर खंड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार पहली तिमारी परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में होनी हैैं, लेकिन अभी कोई तय परीक्षा तिथि क्रम नहीं मिला है। नई किताबों के लिए भी शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही किताबें उपलब्ध हो जाएंगी।