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रावली से आगे तटबंध पर महिला का शव मिला

Wed, 29 Aug 2018 12:04 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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गंगा में मिले महिला के शव को बाहर निकालती एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में चार दन पूर्व मंडावर क्षेत्र के गांव चौहड़वाला के सामने गंगा की उफनती लहरों में नाव के पलटने से डूबी चौथी महिला का शव भी रावली से आगे तटबंध से बरामद हो गया। इस हादसे में नाव में सवार 28 लोग डूबे थे। इनमें से 17 को सकुशल गंगा से निकाल लिया गया था। एनडीआरएफ, पीएसी के जवान और स्थानीय गोताखोरों की टीम मंगलवार को भी गंगा में डूबे लोगों को तलाशने में जुटी रही।   
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 शुक्रवार को मंडावर थाने के गांव डेबलगढ़ के लोग नाव से पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। चारा लेकर लौटते समय गांव चौहड़वाला के सामने उनकी नाव गंगा की उफनती लहर में पलट गई। गांव वालों के मुताबिक नाव में सवार 28 लोग डूब गए। 17 लोगो को गंगा से सकुशल निकाल लिया गया था। तीन महिलाओं के पिछले तीन दिन में रावली तटबंध से आगे गंगा में शव बरामद हुए थे। घटना के दिन से ही गंगा में सर्च आप्रेशन चल रहा है। हेलीकाप्टर से गंगा में डूबे लोगों की खोजबीन की गई। एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीम भी पिछले चार दिनों सें गंगा में डूबे लोगों को तलाशने में जुटी है।
रोज सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ये टीम गंगा में डूबे लोगों को ढूंढ रही हैं। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे गंगा में डेबलगढ़ निवासी मांगेराम की पत्नी सीया देवी का शव गंगा के अंदर झाड़ियों में फंसा मिला। ये शव भी रावली से आगे तटबंध के पास गंगा के अंदर मिला है। सीया देवी का शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। शव बुरी तरह फूल चुका था। गंगा के जहां अधिक झाड़ी हैं उस इलाके को टीम ज्यादा खंगाल रही हैं। झाड़ियों को वोट से नीचे उतरकर भी ये टीम देख रही हैं। जिन लोगों के परिजन गंगा में डूबे हैं वह भी डूबे लोगों को रात दिन गंगा में ढूंढ रहे हैं। अब तक चार महिलाओं के गंगा से शव मिल गए हैं। 
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मालन का रौद्र रूप देख उड़ी नींद
मालन नदी का कहर नहीं रुक रहा है। गंगा में पानी सोमवार के मुकाबले कम नहीं हुआ है। पहाड़ों और मैदानी इलाके में लगातार हो रही बारिश के कारण तटीय गांव के लोगों की सांस अटकी हुई है। मालन नदी के रौद्र रूप को देखकर तो हर कोई कांप   रहा है। बिजनौर-मंडावर मार्ग पर मालन नदी के पुल पर कई फीट   पानी आने से बिजनौर-हरिद्वार मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। दोपहर बाद पुल पर पानी कम होने से यह मार्ग खोला गया। रावली गांव के अंदर मालन नदी का पानी बह रहा है।   अब ये पानी गांव से बाहर खेतों में   भी आने लगा है। मालन का पानी रावली में सीधे गंगा में जा रहा है। तमाम खेतों में पानी भरा पड़ा है। रावली में पानी आने से गांव के लोग परेशान हैं। वह गांव में अभी भी नाव के सहारे ही निकल  रहे हैं। सोमवार को गंगा में एक लाख 45 हजार क्यूसेक पानी था। जो मंगलवार को भी इतना ही रहा। मालन जहां से निकल रही है उस इलाके के सारे खेतों में पानी भर गया है।
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