लगातार 30 घंटे की खोजबीन के बावजूद दोनों युवकों का कोई पता नहीं चला। इसके बाद एसडीआरएफ और पीएसी की टीम मोटर बोट की मदद से तलाश में जुट गई। गुरुवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे बड़े भाई धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद हुआ। इसके लगभग एक घंटे बाद छोटे भाई विजेंद्र का शव भी मिल गया।
शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय गोताखोरों ने भी तलाश में पुलिस और PAC की टीम की मदद की।
सीओ आलोक सिंह ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।