नायब तहसीलदार राजकुमार की मौत पर पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया है। राजकुमार सरकारी काम से हाईकोर्ट प्रयागराज गए थे। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे लौटे। घर पर छोटी बेटी साईं को प्यार-दुलार किया। इसके बाद खुद को कमरे में बंद कर लिया। नहाने और तैयार होकर ड्यूटी पर जाने की बात कहते हुए राजकुमार कमरे में दाखिल हुए थे, करीब 20 मिनट तक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद रहा। बाद में तोड़ा गया तो बेड पर खून से लथपथ मिले।
नायब तहसीलदार राजकुमार और जांच करती पुलिस।
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बेटे की हालत देख पिता कुंवरपाल बिलख पड़े, उनके मुंह से निकला, सब लुट गया अंधेरा हो गया दुनिया में। पिता कुंवरपाल, अधिकारियों से रोते हुए यह गुहार लगाते रहे कि उनके बेटे को किसी तरह से बचा लो..। उधर, राजकुमार की पत्नी आंचल घटना के बाद से बेसुध हो गई। दोपहर बाद तक बेसुध हालत में पड़ी रही।
एसडीएम से अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाती राजकुमार की मां।
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सिर में आर-पार हो चुकी थी गोली
पिस्टल से चली गोली सिर में आर-पार हो चुकी थी। हालत बेहद नाजुक रही, ऐसे में चिकित्सकों ने तमाम प्रयास किए लेकिन राजकुमार को बचाया नहीं जा सका। दरअसल जिस पिस्टल से खुद को गोली मारी, उसका लाइसेंस भी एक साल पहले ही लिया था। उस वक्त सर्वे में आ रही दिक्कतों को देखते हुए लाइसेंस जारी किया गया था।
रोते-बिलखते पिता।
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बुझ गया घर का इकलौता चिराग
राजकुमार की मौत से घर का इकलौता चिराग बुझ गया। दरअसल राजकुमार अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। राजकुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और माता-पिता को रोता बिलखते छोड़ गए हैं।
अस्पताल में एकत्र भीड़ और पुलिस।
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2013 में हुई थी शादी, 2022 में बिजनौर मिली तैनाती
राजकुमार की शादी साल 2013 में शामली के बाबरी गांव की आंचल से हुई थी। बड़ी बेटी दीया 10 साल की है, जबकि छोटी बेटी साईं डेढ़ साल की है। सीधी भर्ती में चयनित होकर राजकुमार को बागपत में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनाती मिली। प्रमोशन के बाद नायब तहसीलदार बने और 30 जून 2022 को बिजनौर में ज्वाइन किया। इसके बाद दो जुलाई 22 को नजीबाबाद तहसील के लिए तबादला हो गया। 14 अगस्त 2023 को नजीबाबाद से बिजनौर सदर में तबादला हुआ। फिर 6 जून 24 को बिजनौर से नगीना तहसील चले गए। नगीना से बिजनौर सदर तहसील 13 मई 25 में तबादला होकर आए गए थे।
बेटे के बिना खाना खाए, मां नहीं खाती थी खाना
राजकुमार की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। रोते हुए पिता बोले, बेटे के बिना खाए, उसकी मां भी खाना नहीं खाती थी। अब हमारा क्या होगा। पिता, मां के गले लगकर फूट-फूटकर खूब रोए। वहीं, उनकी पत्नी शोक में चली गई। गम की वजह से उनकी आंखें पथरा गईं।
ये है मामला
बिजनौर सदर तहसील के नायब तहसीलदार राजकुमार (40) ने अपने सरकारी आवास पर बुधवार सुबह लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली कनपटी से सटाकर मारी गई। आत्महत्या का स्पष्ट नहीं हुआ है।
नायब तहसीलदार राजकुमार सुबह करीब आठ बजे प्रयागराज से बिजनौर की ऑफिसर कॉलोनी में स्थित अपने सरकारी आवास पर पहुंचे। करीब दस बजे अपने पिता कुंवरपाल से नहाने की बात करते हुए कमरे में चले गए। कुछ ही देर में अंदर से गोली चलने की आवाज आई। आस-पास के लोगों और अन्य राजस्व कर्मियों ने दरवाजा तोड़ा। बेड पर राजकुमार खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। पास में ही लाइसेंसी पिस्टल पड़ा था।
राजकुमार मूल रूप से बागपत के गांव नागल के रहने वाले थे, जोकि अब माता-पिता, पत्नी और बच्चों के संग बिजनौर में सरकारी आवास में रह रहे थे।