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बिजनौर में नाव पलटी, गंगा में बहे 28 लोग

Sat, 25 Aug 2018 12:23 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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बिजनौर के गांव रावली में गंगा से शव निकालते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर/ मंडावर में बरसात में उफनती गंगा में ओवरलोड नाव पलटने से 28 लोग तेज धार में बह गए। राजारामपुर गांव के ये सभी लोग गंगा पार से पशुओं का चारा लेकर आ रहे थे, जिनमें से ग्रामीणों ने 17 लोगों को बचा लिया है और 10 लापता लोगों की तलाश जारी है। बाद में एक महिला का शव भी बरामद हुआ है। प्रशासन पर बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने बैराज तटबंध पर डीएम व एडीएम को खूब खरी खोटी कही। प्रशासन के मुताबिक लापता लोगों की गंगा में तलाश की जा रही है।
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मंडावर क्षेत्र के गंगा खादर के गांव डेबलगढ़ (राजारामपुर) के निवासियों की अधिकांश जमीन गंगा नदी के दूसरी ओर है। पहाड़ों पर बारिश से गंगा उफान पर है और तीव्र धारा प्रवाह के बीच ही शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे ये लोग चारा लेकर एक ही नाव से लौट रहे थे, जिसमें नाविक समेत 28 महिला व पुरुष सवार थे। गांव चाहड़वाला के सामने धारा में तेज उफान आने से नाव अनियंत्रित होकर गंगा के बीच में पलट गई। नाव में सवार सभी लोग तेज धारा में बह गए। इनमें से कुछ किसान तैरकर किसी तरह बाहर आने का प्रयास कर रहे थे। इन्हें लहरों से संघर्ष करते देख किनारे पर मौजूद अन्य लोगों ने गंगा में कूदकर बाहर निकलने में मदद की। बचाए गए लोगों ने घटना के बारे में बताया तो कुछ अन्य लोगों को मदद के लिए बुलाया गया और गंगा किनारे काफी लोग एकत्र हो गए। धार में बहकर अन्य लोगों को आते देख, ग्रामीणों ने कूदकर उन्हें भी बाहर निकाला। इस तरह 17 लोगों को बहाव से निकाला गया। अधिकतर लोग किसी तरह तैरकर घटनास्थल से सात किलोमीटर दूर गांव रावली के पास गंगा की धारा से बाहर आए।
बाद में लापता लोगों की तलाश में गोताखोरों व गांव वालों को लगाया गया। मौके पर पहुंचे डीएम अटल कुमार राय व एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्र का गांव वालों ने गंगा बैराज के तटबंध पर नरौल्लापुर गुरुद्वारे के पास घेराव किया। लोगों ने डीएम से कहा कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। हादसे के करीब तीन घंटे के बाद रावली के पास गंगा से नागिनी(45) पत्नी जय सिंह का शव बरामद हुआ। गौरतलब है कि पिछले साल 14 सितंबर को बागपत जिले के काठा गांव में यमुना नदी में नाव पलटने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। गंगा और यमुना के पार लोग अपनी कृषि भूमि तक नावों से आवागमन करते हैं। गंगा के तटवर्ती गांवों में प्रशासन के पास बचाव के इंतजाम नहीं हैं। बाढ़ चौकियां भी केवल दिखावा हैं।
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लोग जो बचाए गए
सूबे सिंह, वेदपाल, मूलचंद, नेत्रपाल, ज्योति, रामवती, शारदा, झोरी, कमलेश, संतोष देवी, रामेंद्र, आकाश, सुशील, शीशपाल, सरोज, सोजवीर और जेहरी को गंगा की धारा में बहते हुए लोगों ने सकुशल बचा लिया। इनमे ज्योति, सरोज व रामवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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ये हैं अभी लापता
नाव पलटने के बाद उसमें सवार मीना, रिया, कुसुम, भूरिया, परवेश, अमिता, सुनीता समेत दस किसान तेज बहाव में बह गए और लापता हैं।
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इनसेट....
मुजफ्फरनगर में मिले चार शव
बिजनौर। डीएम अटल कुमार राय के मुताबिक चार महिलाओं के शव मुजफ्फरनगर जिले में मिलने की खबर है। मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने शव मिलने की पुष्टि की है। ये शव मंडावर में गंगा में डूबने वाली महिलाओं के हैं, इसकी तहकीकात कराई जा रही है।
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लापता लोगों की तलाश के लिए गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। पीएसी के गोताखोर भी सर्च अभियान चला रहे हैं। मौसम खराब व अंधेरा होने से दिक्कत आ रही है। इसी कारण हेलीकॉप्टर नहीं आ सका है। अब शनिवार को हेलीकॉप्टर आने पर तलाश होगी। प्रशासन ने यथासंभव भरपूर मदद की है। लोग खुद अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा पार कर रहे हैं जो कि गलत है।
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-अटल कुमार राय, डीएम बिजनौर
 
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