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किसानों में गुस्सा, गन्ना आयुक्त का पुतला फूंका

Sat, 05 Jan 2019 11:43 PM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
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हल्दौर में ब्लॉक परिसर में गन्ना आयुक्त का पुतला जलाते राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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हल्दौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं ने बिलाई चीनी मिल द्वारा किसानों के गन्ने का शत प्रतिशत भुगतान न करने से खफा होकर गन्ना आयुक्त के पुतले की शवयात्रा निकाली और उसकी चिता जलाकर अपना विरोध जताया। साथ ही आक्रोशित किसानों ने नौ जनवरी तक गन्ने का पूरा भुगतान नहीं मिलने पर दस जनवरी को जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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शनिवार की ब्लॉक कार्यालय परिसर में किसानों की मासिक पंचायत हुई। पंचायत में बिलाई चीनी मिल द्वारा किसानों के गन्ने का पिछले व चालू सत्र का बकाया भुगतान न करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू चौधरी ने पंचायत में कहा कि गन्ना भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। कहा कि गन्ना विभाग के आला अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। भुगतान न मिलने से खफा होकर कार्यकर्ताओं ने गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी पर मिल प्रशासन से हमसाज होने का आरोप लगाते हुए उनके पुतले की अर्थी बनाकर ब्लॉक कार्यालय परिसर में शवयात्रा निकाली।
इसके बाद आक्रोशित किसानों ने गन्ना आयुक्त के पुतले का अंतिम संस्कार कर अपना विरोध जताया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं ने हाल ही में बिलाई चीनी मिल के अधिकारियों को शीघ्र गिरफ्तार कराने की मांग की। साथ ही चीनी मिल गेट व कांटों पर घटतौली रोकने,  बिजली की बढ़ी दरों में कटौती कराने समेत विभिन्न समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
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 किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू भानु का प्रदर्शन
नजीबाबाद में भाकियू भानू ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन कर एसडीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। साथ ही चेताया कि यदि 14 दिनों के भीतर मांगों को पूरा नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन भानू के जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत के नेतृत्व में किसानों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। चौधरी वीर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी नीति अपना रही है। सरकार ने इस बार गन्ने के दाम में एक रुपये भी नहीं बढ़ाया है, जिससे किसान आहत है। सरकार की किसान विरोधी नीति चलते चीनी मिलें भी किसानों के गन्ने का 14 दिनों के भीतर भुगतान नहीं कर रही है। किसानों ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए किसानों ने गन्ने का भुगतान 14 दिनों में कराने, गन्ने का दाम कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिल व क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने, किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, वृद्ध किसान-मजदूरों को पांच हजार रुपये पेेंशन देने, नांगल-चंदक नहर पटरी मार्ग पक्का कराने, भागूवाला क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया रूप से बंद कराने सहित अनेक मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारी किसानों में चौधरी अर्पण सिंह, डोरीलाल, शीशपाल, भूपेंद्र, सुरेंद्र, बिजेंद्र, रामलाल, सुभाष, रामकुमार, मुबारिक हसन, अजयपाल, नरपाल सिंह, ज्ञानेंद्र, विपिन, धर्मपाल, कुसुम देवी, बिजेंद्र सिंह, विजय, कल्याण सिंह, हाशिम, जावेद, कामेंद्र, सागर सिंह, रिजवान, अय्यूब, रिहान, शकील, मूलचंद आदि मौजूद रहे।

दस जनवरी को जिला मुख्यालय पर करेंगे धरना-प्रदर्शन
हल्दौर में पश्चिम उत्तर प्रदेश के महासचिव कैलाश लांबा का कहना है कि उनकी मांगें नौ जनवरी तक पूरी न होने पर संगठन के लोग दस जनवरी को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्षता होरी सिंह व संचालन वेदप्रकाश चौधरी ने किया। पंचायत में ब्लॉक अध्यक्ष राकेश कुमार, महिपाल त्यागी, सतपाल सिंह, राजपाल भगत, अंकुर चौधरी, घनश्याम सिंह, सरदार अभिषेक, मलखान सिंह, घसीटा सिंह, हरगुलाल सिंह, शिवकुमार शास्त्री, बिट्टू चौधरी, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

गन्ना भुगतान ब्याज सहित दिलाने की मांग
बिजनौर में भाकियू अंबावता की मासिक पंचायत में पिछले साल का गन्ना भुगतान अब तक न होने पर रोष जताया गया। गन्ना भुगतान जल्दी न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत ने कहा कि सरकार अपने वादे के अनुसार गन्ना भुगतान नहीं करा पा रही है। नहरों में सिंचाई के लिए पानी नहीं है। घटतौली को भी रोका नहीं जा रहा है। प्रशासन की मिलीभगत से घटतौली की जा रही है। किसानों की मांगों पर कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार किसान विरोधी हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देते हुए गन्ना भुगतान ब्याज सहित दिलाने, किसानों का शत प्रतिशत कर्ज माफ करने, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, 60 साल से अधिक आयु के किसानों व मजदूरों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने, नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की। इस दौरान शिव कुमार, उदल, धीर सिंह, नपरेंद्र सिंह, मुनेश्वर सिंह, ब्रह्मपाल, सुभाष सिंह, फारूख, नीरज कुमार, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

किसानों ने बिजलीघर पर धरना देकर खेतों से लाइन निकालने का किया विरोध
शिवालाकलां में खेतों से हाई वोल्टेज लाइन डालने के विरोध में किसानों ने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ बिजलीघर पर धरना देकर लाइन को सड़क के किनारे डालने  की मांग की। इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता से हुई वार्ता के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। फीना बिजलीघर से गांव जुझैला के लिए एचटी लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले छह माह से किसानों एवं ठेकेदार के बीच रस्साकशी चल रही है। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार लाइन को नूरपुर-अमरोहा मार्ग के बजाय खेतों व आम के बागों से निकाल रहा है। इस ओर से लाइन निकाले जाने से किसानों को खतरा होने के साथ ही लाइन की लंबाई भी बढ़ रही है। शनिवार को भाकियू पदाधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान बिजलीघर पहुंचे और लाइन को नूरपुर-अमरोहा मार्ग से निकाले जाने की मांग को लेकर धरना देकर बैठ गए। सूचना पर अधिशासी अभियंता लालसिंह राकेश मौके पर पहुंचे और किसानों से आपसी सहमति से लाइन बनाने की बात कही। काफी देर की वार्ता के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकल सका। बाद में किसान थाने पहुंचे और समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। इस दौरान शमशेर सिंह, हरपाल सिंह, जगदीश सिंह, वीरेंद्र सिंह, दलजीत सिंह, मंगलदेव, वत्सराज आदि मौजूद रहे। 
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