नजीबाबाद के कंबल कारखाने में तैयार कच्चे कंबल देखते अधिकारी।
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नजीबाबाद के कारखाने में फिर बनने लगे कंबल
नजीबाबाद। दो दशक के बाद नजीबाबाद का बंद कंबल कारखाना फिर से गुलजार हो गया है। कंबल कारखाने में 400 कच्चे कंबल तैयार करने के साथ कंबल बनाने का काम शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री के प्रयास से करीब 55 लाख रुपये की लागत से कंबल कारखाना फिर से चालू हुआ है। कंबल कारखाने के प्रबंधक/व्यवस्थापक राम कवांर के निर्देशन में 400 कच्चे कंबलों की पहली खेप तैयार हो चुकी है। जल्द ही कंबल कारखाने में जेनरेटर, पानी आदि की व्यवस्था होने के बाद तैयार कंबलों की फिनिशिंग का काम शुरू होगा। कंबल कारखाने में फिलहाल करीब एक दर्जन कारीगरों की व्यवस्था की गई है। ताना व्यवस्थित करने का काम पानीपत से आए अनीस अहमद को सौंपा गया है। इनके अतिरिक्त सुभाष सिंह, समर सिंह, महावीर, ऋषिपाल, सुरेंद्र आदि कच्चे कंबल को तैयार करने के काम में जुटे हैं।
कारखाने की ओर से तीन महिलाओं अनीता, गायत्री और रेखा को नली भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों महिलाएं चरखे के द्वारा नली तैयार करतीं हैं। कारखाने की व्यवस्थाओं में प्रबंधक के साथ बाबूराम, सोना आदि सहयोगियों के रूप में कंबल कारखाना जीर्णोद्धार योजना में जुटे हैं। प्रबंधक/व्यवस्थापक राम कवांर ने बताया कि जल्द ही तैयार कच्चे कंबलों की फिनिशिंग का काम शुरू किया जाएगा। कंबल कारखाने में पहली खेप में तैयार होने वाले कंबलों की अनुमानित कीमत 465 रुपये आएगी। करीब 7.5 फीट लंबे और 4.5 फीट चौड़े कंबल का वजन दो किलो 200 ग्राम से दो किलो 400 ग्राम तक आएगा।