बिजनौर में प्रदेश सरकार में मूलचंद चौहान को भूतत्व खनिज कर्म विभाग का अतिरिक्त प्रभार देने से क्या जिले में अवैध रूप से हो रहे खनन पर अंकुश लग पाएगा। यह चर्चा राजनीतिज्ञ गलियारों में उठ रही है। सपा नेताओं व अफसरों के संरक्षण में जनपद में अवैध रूप से खनन का कारोबार खूब चलता रहा है। खुद कैबिनेट मंत्री के इलाके में अवैध खनन खूब हो रहा है।
जिले में अवैध खनन का काला कारोबार खूब चल रहा है। मंत्री से लेकर विधायक तक अवैध खनन कराने के लिए बदनाम रहे हैं। अवैध खनन कराने के लिए नेताओं के इलाके बंटे हुए है। अफसरों की मिलीभगत से अवैध खनन खूब चल रहा है। इस काले धंधे में अफसरों के साथ नहीं देने पर उनक ा ट्रांसफर नेता करा देते हैं। जिले में अवैध खनन का खुला खेल चलता रहा है।
पिछले दिनों तत्कालीन डीएम वी के आनंद ने जरूर जिले के अवैध खनन पर अंकुश लगाया था। नगीना, अफजलगढ़ और मंत्री मूलचंद चौहान के इलाके में तब भी चोरी छिपे अवैध खनन होता रहा। मंत्री से जुडे़ लोग इस काले कारोबार में लिप्त रहे हैं। मूलचंद चौहान पर अब तक उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण विभाग था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भूतत्व और खनिज कर्म विभाग के मंत्री गायत्री प्रजापति को बर्खास्त करके मूलचंद चौहान को भूतत्व और खनिज कर्म विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। मंत्री के समर्थक इसे लेकर गदगद है। समर्थक मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने मूलचंद चौहान का रुतबा बढ़ा दिया है। हालांकि सरकार की नजर भी मूलचंद चौहान पर रहेगी।
मूलचंद चौहान के विरोधी भी उनकी अवैध खनन कराने की शिकायत करने से बाज नहीं आएंगे। विरोधी सबूतों के साथ मूलचंद चौहान को अवैध खनन में घेरने की कोशिश करेंगे। ऐसे हालात में अवैध खनन जिले में रुकवाना मूलचंद चौहान के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। चुनाव सिर पर है ऐसे हालात में मूलचंद चौहान अपनी साख कैसे बचा रख पाएंगे? जबकि उनके समर्थक नहीं चाहते कि अवैध खनन बंद हो।