धामपुर तहसील में प्रदर्शन के बाद नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव को राष्ट्रपति को संबोधित ज्?
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने विश्वासघात दिवस मनाया
धामपुर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए विश्वासघात दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने सरकार को गरीब और किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन को और तेज करने का एलान किया। आरोप लगाया कि 13 माह तक चले आंदोलन के दौरान यूपी और केंद्र सरकार ने भाकियू को जो भरोसे दिए थे। उन पर तीन माह बीतने के बाद भी अमल नहीं किया। इस मौके पर देश के राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव को सौंपा।
भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए और बैठकर यूपी और केंद्र सरकारों को किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। राजेंद्र सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकारों में किसानों की आय दुगुनी तो नहीं हुई डबल गुना से ज्यादा घाटा जरूर हो गया है। यह सब इन सरकारों की किसानों के लिए बनाई नीतियों का ही दुष्परिणाम रहा है। किसानों प्रशासन की कार्यशैली की भी जमकर निंदा की। कहा कि जब से एसडीएम विजयवर्धन तोमर यहां पर आए। किसानों की तीन बार पंचायत हो चुकी है और उनके द्वारा तीनों बार एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर समस्याओं का निदान कराने की मांग की गई। एसडीएम ने आज तक उनके किसी भी ज्ञापन का जवाब नहीं दिया। चेताया कि 14 मार्च जब तक चुनाव है वह भी चुप है, पर चुनाव के खत्म होते ही 15 मार्च के बाद उनके कार्यालय में डेरा डाल आंदोलन करेंगे। नायब तहसीलदार को सौंपे पांच सूत्री ज्ञापन में यूपी और केंद्र सरकार ने आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस करने, शहीद किसानों परिवारों के सदस्यों को मुआवजा देने, एमएसपी पर कानून बना किसानों की फसलों की उपज को खरीदवाने, लखीपुरखीरी कांड में अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त कर जेल भेजने आदि मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में दुष्यंत राणा, संजीव कुमार, कविराज सिंह, विपिन कुमार, अनुज , इंद्रवीर सिंह, अरविंद कुमार आदि रहे।