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भाजपा की करारी हार, बागियों ने बिगाड़ा खेल

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धामपुर में भाजपा का बागियों ने किया ज्यादा नुकसान
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धामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव को सभी राजनीतिक पार्टियों ने विधानसभा का सेमीफाइनल मान पूरे दमखम के साथ लड़ा। चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने धामपुर ब्लॉक की पांच सीटों में से दो सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा के धुरंधरों चित कर दिया। वार्ड 47 से प्रत्याशी विवेक सेन ने रिकॉर्ड तीन हजार वोटों से जीत दर्ज की। वार्ड 45 से भी आजाद समाज पार्टी के ही आलोक भारती ने जीत दर्ज की। टिकट बंटवारे के दौरान भाजपा नेतृत्व अपने प्रत्याशियों के जीत के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे। मगर भाजपा के बागियों ने पार्टी का खेल बिगाड़ कर दिया।
धामपुर विकास क्षेत्र में वार्ड संख्या 43 से भाजपा ने निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य शेरकोट के मंडल अध्यक्ष धर्मवीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। इस सीट से भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अवनीश कुमार टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन जब अवनीश को टिकट नही मिला तो वे बागी हो गए। जिसके कारण इस सीट से सपा के निजामुद्दीन ने भाजपा से सीट छीन कर सपा के पाले में डाल दी। वार्ड संख्या 44 से भाजपा ने पूर्व ब्लॉक प्रमुुख रहीं जयमाला पत्नी राज्यवर्धन सिंह आलोक को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। सपा सरकार में दो बार ब्लॉक प्रमुख रहीं जयमाला देवी को निर्दलीय प्रत्याशी महक जावेद ने पछाड़ कर जयमाला को टॉप थ्री से ही बाहर कर दिया।
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वार्ड संख्या 45 से भाजपा ने पूजा रानी पत्नी ललित कुमार को मैदान में उतारा था। इस सीट से पूर्व ब्लॉक प्रमुख उदित नारायण सिंह टिकट की दौड़ में थे। मगर भाजपा का उदित नारायण को टिकट न देकर पूजा को टिकट देना भारी पड़ गया। इस सीट पर आजाद समाज पार्टी के आलोक भारती ने भाजपा प्रत्याशी को आगे निकलने का मौका ही नहीं दिया। भाजपा प्रत्याशी को हार के कारण सीट गंवानी पड़ी। वार्ड 46 से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुभाष चौहान की पत्नी शशिबाला भाजपा की लाज बचाने में सफल रहीं। उन्होंने सपा प्रत्याशी रफत जहां को हराया। सबसे रोचक मुकाबला वार्ड 47 में देखने को मिला। इस सीट से नौरंगाबाद के प्रधान पति सानू सिसोदिया तथा टीकम सिंह फौजी भाजपा से टिकट की दौड़ में थे। टिकट की दौड़ में सबसे पीछे नजर आ रहीं ज्योति सिंह टिकट हथियाने में तो कामयाब हो गई मगर चुनावी मैदान में अन्य धुरंधरों से काफी पिछड़ गईं। ज्योति सिंह को जिताने के लिए भाजपा की नगर स्तरीय टीम पूरे जोश के साथ दिन रात लगी हुई थी। मगर शानू तथा टीकम सिंह ने बगावत कर भाजपा के परंपरागत वोटों में सेंध लगा भाजपा प्रत्याशी को टॉप- 3 में भी जगह नहीं बनाने दी। आजाद समाज पार्टी ने इस सीट से विवेक सेन को चुनाव मैदान में उतारा था। पहले राउंड से ही विवेक सेन ने एकतरफा बढ़त बनाए रखी और किसी भी अन्य प्रत्याशी को अपने आसपास तक फटकने का मौका तक नहीं दिया।
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