बिजनौर में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि देश में आरएसएस का मनुवादी संविधान लागू किया जा रहा है। भाजपा, मंदिर के मुद्दे पर जनता को बरगला रही है। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में 60 बच्चे ऑक्सीजन की कमी से मर गए और जिलों के नाम बदलने में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव ईवीएम की जगह से बैलेट पेपर से कराने के लिए भीम आर्मी आंदोलन करेगी। भाजपा पर खूब तंज कसे।
इंदिरा बाल भवन में आयोजित बहुजन समाज बनाओ रैली में चंद्रशेखर ने कहा कि देश और प्रदेश में जनता से केवल झूठे वादे किए जा रहे हैं। कहा कि भाजपा के इशारे पर देश नहीं चलेगा। भाजपा 26 नवंबर को संविधान दिवस मना रही है, लेकिन संविधान को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। ओबीसी वर्ग के लिए लागू हो रही कमंडल आयोग की सिफारिशों को रोकने के लिए भाजपा ने बाबरी मस्जिद का ढांचा ध्वस्त करा दिया। कहा कि भाजपा के राज में हक की आवाज उठाने वाला नक्सली और आतंकवादी घोषित हो जाता है। तीन दिन पहले उन पर भी गाजियाबाद में झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। अब भाजपा उनके खिलाफ चरित्र हरण का मुकदमा दर्ज करा सकती है, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं। काला धन वापस लाने की बात कहने वालों ने अपने भाइयों को नीरव मोदी, विजयमाल्या को अरबों रुपये देकर देश से भगा दिया। भाजपा सरकार में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। बहुजन समाज के अधिकारी को प्रमुख सचिव नहीं बनाया जाता है। कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि उनके संगठन को ताकत कहां से मिलती है। नोटबंदी में 31 मिलियन लोग बेरोजगार हो गए, वे सब उनके साथ हैं। कहा कि सरकारी क्षेत्र में केवल दो प्रतिशत नौकरी है। विरोधी केवल इसके लिए आरक्षण होने का रोना रोते हैं। कहा कि एजेंट बहुजन समाज के लोगों का उत्पीड़न बंद कर दें। कल बहुजन समाज की भी सरकार बनेगी। कहा कि देश को बंद करने वाले देश को चला भी सकते हैं।
अब देश में बहुजन समाज की सरकार बनेगी। बहुजन समाज की सरकार बनने के बाद समान शिक्षा, चिकित्सा व्यवस्था लागू होगी। बहनें बच्चों को सड़क पर जन्म देने को मजबूर नहीं होंगी। सच्चर कमेटी, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू होंगी। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू होगा। जब मुख्यमंत्री और चपरासी का बच्चा एक जगह बैठकर पढ़ेगा तो पता चल जाएगा कि किसमें कितना दम है। बहुजन समाज में सर्वजन के लिए जगह नहीं होगी।
बहुजनों की सरकार बहुजनों का प्रतिनिधित्व करेगी। कहा कि जब आरक्षण जातिगत है तो जनगणना भी जातिगत हो। जाति के आधार पर ही आरक्षण मिले। सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स में आरक्षण लागू करेंगे। कहा कि दलित, मुस्लिम समाज की एकता से सभी डरते हैं। अब तो ओबीसी वर्ग भी हमारे साथ आ रहा है। बहुजन समाज की सरकार बनेगी तो बहुजन समाज की सुनी जाएगी। कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 175 बिलियन हेक्टेयर जमीन पर दबंगों का कब्जा है। यह जमीन कब्जामुक्त कर बहुजन समाज के लोगों को दी जाएगी। भूखे रहने वाले 83 करोड़ लोगों को दोनों वक्त का खाना मिलेगा।
हर घर तब पांच-पांच बीघा जमीन होगी। कहा कि उनकी रैली रोकने की कोशिश हुई, लेकिन युवाओं के सैलाब को कोई नहीं रोक सकता है। अब वोट हमारा, राज तुम्हारा की नीति नहीं चलेगी। मुस्लिम समाज पूरा उनके साथ है। कहा कि हकों के लिए भीम आर्मी एक दिसंबर से आंदोलन करेगी। मुजफ्फरनगर से इसकी शुरूआत होगी। रैली को पूर्व सांसद इलियास आजमी, पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, गौहर इकबाल, अनवारूल हक, प्यारेलाल जाटव, वीरेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता इरशत जावेद व संचालन शामिल त्यागी, अरविंद कुमार ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष रोहित सागर, रिंकू गौतम, रविंद्र भाटी, कमल सिंह वालिया, हिमांशु वाल्मीकि, परवेज आफताब आदि मौजूद रहे।
भीड़ जुटाकर दिखाई ताकत, चुनाव लड़ने के कयास
बिजनौर में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर की रैली के बाद उनकी, सियासी पार्टी बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ने के कयास लगने शुरू हो गए हैं। चंद्रशेखर ने अपनी रैली में इसके संकेत भी दिए। उन्होंने दलित, मुस्लिम व पिछड़े वर्ग की एकता पर जोर दिया। बिजनौर से अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाली मायावती ने भी दलितों व मुस्लिमों का गठजोड़ इसी तरह किया था। चंद्रशेखर ने भाजपा पर तो खुलेआम निशाना साधा, लेकिन बाकी दलों को भी क्लीनचिट नहीं दी। चंद्रशेखर की रैली पर बसपाइयों की भी नजर थी। रैली में उमड़ी युवाओं की भीड़ को देखकर बसपा नेताओं के होश उड़े रहे।
इंदिरा बाल भवन में हुई बहुजन समाज बनाओ रैली में चंद्रशेखर का पूरा बयान राजनीतिक पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने भाजपा पर खूब तंज कसे। दलित, मुस्लिम व ओबीसी गठजोड़ बनाने की कोशिश की। उन्होंने बहुजन समाज की सरकार बनाने के नाम पर बार-बार लोकसभा चुनाव में पार्टी के लड़ने के संकेत दिए। हर जिले से राजनीतिक पार्टियों से निष्कासित नेताओं के गुट भी उनके साथ आ रहे हैं। इनमें अधिकतर नेता बसपा में ही रह चुके हैं। चंद्रशेखर ने मंच से दलित व ओबीसी समाज के सभी महापुरुषों के नाम लिए। उन्होंने कांशीराम का कई बार अपने भाषण में जिक्र किया, लेकिन बसपा सुप्रीमो का नाम नहीं लिया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिजनौर से ही की थी। वे बिजनौर लोकसभा सीट से 1989 में चुनाव लड़कर पहली बार सांसद बनी थीं। मायावती भी जिले में छोटी छोटी सभा कर दलित, मुस्लिम व ओबीसी वर्ग के नेताओं को जोड़ती थीं। चंद्रशेखर के मंच से भी यही सब देखने को मिला। चंद्रशेखर के कार्यक्रम की कमान मुस्लिम नेताओं को ही दी गई थी। चंद्रशेखर की रैली पर बसपा नेताओं को दूर रहने के लिए कहा गया था।
‘संघर्ष करने वालों की बदलती है किस्मत’
बिजनौर में चंद्रशेखर ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि बिजनौर क्रांति की धरा है। कुछ लोग मान रहे हैं कि उनकी इशारा मायावती की ओर था। मायावती के अलावा पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिजनौर से ही की थी। रैली में भीड़ को देखकर आयोजक गद्गद रहे। बसपा से निकाले गए गौहर इकबाल व पूर्व विधायक मो. गाजी कई दिनों से रैली के लिए दौड़ घूप करते रहे। भीड़ को देख सब गद्गद रहे।