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अब घर बैठे ही बनवा सकेंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

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अब घर बैठे ही बनवा सकेंगे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र
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बिजनौर। पूरे देश में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में एकरूपता लाने के लिए भारत सरकार ने 2015 में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल लांच किया था। इसके जरिए अब अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जा सकेगा। घर पर पैदा हुए बच्चों का डाटा लोगों को स्वयं पोर्टल पर अपलोड करना होगा। फिर संबंधित रजिस्ट्रार उसे अनुमोदित कर देंगे। इसके बाद कंप्यूटर से ही उसका प्रिंट निकाला जा सकेगा। यही प्रक्रिया मृत्यु के मामलों में भी होगी। इसके लिए सभी निजी अस्पतालों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही प्रक्रिया शुरू होगी। इस योजना के अंतर्गत सभी अस्पतालों एवं संबंधित रजिस्ट्रार को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र में नगर पालिकाओं के स्वास्थ्य अधिकारी, अस्पतालों के संचालक, ग्रामीण क्षेत्र में सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक एवं ग्राम पंचायत अधिकारी रजिस्ट्रार हैं। अस्पताल में बच्चा पैदा हुआ तो सीआरएस पोर्टल पर उसका डाटा उपलब्ध करा दिया जाएगा। स्वजन एक सप्ताह बाद अस्पताल जाकर जन्म प्रमाण पत्र ले सकेंगे। घर पर पैदा हुए बच्चे के लिए पोर्टल पर एक जनरल पब्लिक का विकल्प है। जिसमें जानकारी अपलोड करना होगा। उस पर एक सप्ताह बाद क्लिक कर घर से ही प्रमाण पत्र का प्रिंट निकाला जा सकता है।
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जिला जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार पीपी सिंह के अनुसार 21 दिन के अंदर डाटा अपलोड करने पर शुल्क नहीं देना होगा, जबकि 22 से 30 दिन के भीतर डाटा अपलोड करने पर दो रुपये विलंब शुल्क ट्रेजरी के जरिए अदा करना होगा। 30 दिन से एक साल के अंदर डाटा अपलोड करने पर पांच रुपये विलंब शुल्क देने के साथ उप मुख्य चिकित्साधिकारी से अनुमोदन भी लेना होगा। एक साल के बाद अपलोड करने पर दस रुपये विलंब शुल्क और एसडीएम से अनुमोदन लेने के बाद ही प्रमाण पत्र बन सकेगा।
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पोर्टल से बने प्रमाण पत्रों की संख्या
वर्ष जन्म मृत्यु
2015 3739 188
2016 28,820 898
2017 45,874 3361
2018 38,227 1177
2019 64,340 2109
2020 81,238 8935
2021 11,304 1782
यह पोर्टल 2015 से चल रहा है, लेकिन अब निजी अस्पतालों को भी इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को नगर पालिका का चक्कर न लगाने पड़े - पीपी सिंह, जिला जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार, बिजनौर।
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