हैदरपुर वेटलैंड में दो फरवरी को होगी पक्षियों की गणना
बिजनौर। हैदरपुर वेटलैंड में दो फरवरी को फिर से बर्ड वॉचिंग होगी। बर्ड वॉचर फिर से पक्षियों की गणना करेंगे। पक्षियों की प्रजाति और संख्या गिनी जाएंगी। देखा जाएगा कि कितनी प्रजाति और पक्षी बढ़े हैं।
गंगा बैराज के किनारे पर हैदरपुर वेटलैंड बसी है। यह बिजनौर और मुजफ्फरनगर दोनों की सीमा में आती है। हैदरपुर वेटलैंड में देशी, विदेशी प्रजातियों के पक्षियों की भरमार है। यहां पर बारहसिंघा के झुंड भी दिखाई दे रहे हैं। हैदरपुर वेटलैंड को पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। दो फरवरी को पिछले साल यहां पर बड़े स्तर पर बर्ड वॉचिंग की गई थी। इस बार भी बड़े स्तर पर दो फरवरी को वेटलैंड में बर्ड वॉचिंग की जाएगी। बर्ड वॉचिंग में देशभर के बर्ड वॉचर आएंगे। 2019 में हुई गणना में वेटलैंड में 227 प्रजाति के पक्षी दिखे थे जबकि पिछले साल हुई गणना में वेटलैंड में 267 प्रजाति के पक्षी दिखे थे। 40 हजार से ज्यादा पक्षी वेटलैंड में देखे गए थे। दो फरवरी को होने वाली गणना में देखा जाएगा कि पक्षियों की प्रजाति और कितनी संख्या बढ़ी हैं। वन विभाग व वर्ल्ड वाइल्ड फंड के अफसरों की देखरेख में बर्ड वॉचिंग की जाएगी।
ये पक्षी दिखे
हैदरपुर वैटलैंड में बार हैडेड गूज, पिंटेल, कूट्स, ग्रेलेग गूज, पोचर्डस, स्टोर्क, गल्स, इग्रेट, एबोसेट्स, सुर्खाब, स्पूनबिल, गॉडविट्स आदि कई प्रजाति के सुंदर पक्षी दिखते हैं। सारस भी यहां बड़ी संख्या में हैं।
साइबेरिया, मंगोलिया से आता है ग्रेलेग गूज
दो तीन साल पहले तक ग्रेलेग गूज प्रजाति के करीब दो हजार पक्षी दिखे थे, लेकिन इस बार करीब साढ़े तीन हजार पक्षी दिखे हैं। ग्रेलेग गूज पक्षी साइबेरिया व मंगोलिया से भारत में आते हैं। वेटलैंड में इस प्रजाति के पक्षी की तादाद सबसे ज्यादा मिली है।
पक्षियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
बर्ड वॉचर आशीष लोया के अनुसार दो फरवरी को बर्ड वॉचिंग की तैयारी पूरी हो गई है। उम्मीद है कि पिछले साल के मुकाबले पक्षियों की प्रजाति और संख्या बढ़ेगी।