मंगलवार को हैदरपुर वेटलैंड में कार्यक्रम आयोजित हुआ। बर्ड वॉचर आशीष लोया, अर्पित, निखिल और डब्लूडब्लूएफ से आए शाहनवाज ने पक्षियों की गणना की। मंगलवार को कोहरा आने की वजह से पक्षियों की गणना देर से शुरू हुई लेकिन फिर भी तीन बजे तक 114 प्रजातियों के 13 हजार से ज्यादा पक्षी वेटलैंड में दिख गए।
वेटलैंड में दो दुर्लभ प्रजाति के पक्षी लेसर व्हाइट फ्रंटेड गूज व ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गूज भी मिले हैं। इसके अलावा ग्रे लेग गूज, सुर्खाब, हिमालयन ब्लूटेल, ब्लैकनेक्ड स्टोर्क आदि पक्षी भी दिखे हैं।
जैव विविधता को बनाए रखने का आह्वान
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने प्रकृति से जुड़े सुंदर चित्र बनाए। सीडीओ मुजफ्फरनगर ने कहा कि प्रकृति के सौंदर्य का सभी को आनंद लेना चाहिए और इसे कभी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। डीएफओ सूरज ने कहा कि पशु-पक्षियों से ही प्रकृति का संतुलन बना रहता है। इसे ही जैव विविधता कहते हैं।
प्रकृति में हर जीव का अपना अहम किरदार है। अगर हम प्रकृति को नुकसान पहुंचाएंगे तो यह संतुलन बिगड़ जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और जीव जंतुओं को कोई नुकसान न पहुंचाने का आह्वान किया। चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।