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बिजनौर: बंदरों के झुंड ने युवक पर किया हमला, छत से गिरकर मौत, पत्नी और तीन बच्चों का बुरा हाल; लोगों में रोष

Wed, 09 Sep 2026 06:32 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

शहर के मोहल्ला मिर्दगान में उमेर अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता था। छत पर आए बंदरों को वह भगाने गया था, मगर बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। उसका सिर सीढ़ी से टकराया और फिर वह छत से गिर गया। बंदरों के आतंक को लेकर लोगों में रोष है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर शहर के मोहल्ला मिर्दगान में बुधवार सुबह छत पर गए उमेर (40) पर बंदरों ने हमला कर दिया। बंदरों से बचकर भागते समय उमेर की छत से नीचे गिरकर मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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उमेर मजदूरी का काम करता था और अपने परिवार के साथ किराए पर मोहल्ला मिर्दगान में रह रहा था। बुधवार सुबह करीब आठ बजे उसके मकान की छत पर बंदर आ गए। उन्हें भगाने के लिए वह छत पर गया। वहां मौजूद बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। बचने के लिए वह डरकर वह नीचे भागने लगा। इस दौरान जीने से उतरते समय संतुलन बिगड़ गया और उमेर का सिर सीढ़ी से टकरा गया। इसके बाद वह छत से गिर गया। उमेर गंभीर रूप से घायल हो गया। 
 

परिजन तुरंत उसे निजी वाहन से अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उमेर अपने पीछे पत्नी, नौ वर्षीय बेटी और दो छोटे बेटों को रोता बिलखता छोड़ गया। घटना के बाद परिवार और मोहल्ले में शोक व्याप्त है। वहीं, परिजनों ने मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि इस संबंध में परिजनों ने कोई सूचना नहीं दी है।
 

कई मोहल्लों में बंदरों से लोग परेशान 
शहर के कई मोहल्लों में बंदरों की संख्या बढ़ रही है। घर की छतों पर बड़ी संख्या में बंदरों के एक साथ पहुंचने से लोगों में डर का माहौल बना रहता है। ऐसे में लोग अपने घरों में कैद होने का मजबूर हैं। इतना ही नहीं, छतों पर रखे सामान को नुकसान पहुंचाने के साथ ही बंदर कपड़े, खाद्य सामग्री और अन्य सामान भी उठा ले जाते हैं। कई बार घरों के दरवाजे या खिड़कियां खुली होने पर बंदर अंदर घुस जाते हैं। उन्हें भगाने की कोशिश में लोगों पर हमला करने का खतरा भी बना रहता है।

लोगों ने घर के बाहर लगवाया जाल
शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आंतक है। बंदरों के झुंड छतों और बालकनी में पहुंचकर घरों के अंदर घुसने का प्रयास करते हैं। इससे परेशान लोगों ने खिड़कियों और बालकनी के आसपास जाल लगवा लिए हैं, ताकि बंदर घर में प्रवेश न कर सकें। शहर के कई मोहल्लों में सुबह और शाम बंदरों के झुंड घूमते दिखाई देते हैं। घरों की छतों पर पहुंचकर बंदर कपड़े, गमले और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। 
 
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ये बोले अधिकारी
बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर किया जाएगा। नगरपालिका क्षेत्र में एजेंसी के माध्यम से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
- रामपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका बिजनौर

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